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September 30, 2026
जयपुर। रामनिवास बाग जल्द ही जयपुरवासियों और पर्यटकों के लिए नए फूड और मनोरंजन हब के रूप में विकसित होगा। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) यहां करीब 6.37 करोड़ रुपए की लागत से नई चौपाटी विकसित करेगा। परियोजना में दोनों ओर कुल 15 फूड ट्रक लगाए जाने का प्रस्ताव है।इसके साथ ही ओपन गार्डन, बच्चों के लिए प्ले एरिया, एम्फीथिएटर, वॉकिंग पाथ और सिटिंग एरिया जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। JDA के अनुसार यह परियोजना खास तौर पर युवाओं, परिवारों और शहर आने वाले पर्यटकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
किस काम के लिए कितनी जगह
प्रस्ताव के अनुसार चौपाटी के अलग-अलग हिस्सों के लिए क्षेत्रफल इस तरह तय किया गया है —
| हिस्सा | क्षेत्रफल (वर्गमीटर) |
|---|---|
| वॉकिंग पाथ | 1,804 |
| ओपन गार्डन | 1,200 |
| एंट्री प्लाजा और सिटिंग एरिया | 662 |
| चिल्ड्रन प्ले एरिया | 600 |
| ओपन एम्फीथिएटर | 200 |
| फूड ट्रक जोन | 140 |
| कुल | 4,606 |
इस तरह पूरी चौपाटी करीब 4,606 वर्गमीटर में विकसित होगी। रामनिवास बाग का कुल क्षेत्रफल करीब 33 एकड़ यानी लगभग 130,000 वर्गमीटर है, यानी यह परियोजना पूरे बाग के करीब 3.5 प्रतिशत हिस्से में बनेगी।
एक ही जगह मिलेंगे 15 फूड ट्रक
प्रस्तावित चौपाटी में कुल 15 फूड ट्रक के लिए जगह तय की जाएगी। इसका मकसद अलग-अलग तरह के खान-पान के विकल्प एक ही परिसर में उपलब्ध कराना है। फूड ट्रक जोन के लिए करीब 140 वर्गमीटर क्षेत्र प्रस्तावित है, जिसमें विभिन्न व्यंजनों और फूड ऑपरेटरों के लिए व्यवस्थित इंतजाम किया जाएगा।
1,804 वर्गमीटर में वॉकिंग पाथ, 1,200 में ओपन गार्डन
चौपाटी परिसर के चारों ओर पैदल घूमने के लिए करीब 1,804 वर्गमीटर का पाथवे विकसित किया जाएगा। हरियाली और खुले वातावरण को ध्यान में रखते हुए लगभग 1,200 वर्गमीटर का ओपन गार्डन भी बनाया जाएगा। JDA का कहना है कि रामनिवास बाग की ऐतिहासिक और प्राकृतिक पहचान बनाए रखते हुए ही परियोजना तैयार की जाएगी।
बच्चों के लिए 600 वर्गमीटर का प्ले एरिया
परिवारों को ध्यान में रखते हुए परियोजना में करीब 600 वर्गमीटर का चिल्ड्रन प्ले एरिया प्रस्तावित है। इसके अलावा करीब 200 वर्गमीटर का ओपन एम्फीथिएटर बनाया जाएगा, जहां छोटे सांस्कृतिक कार्यक्रम, लाइव परफॉर्मेंस और अन्य गतिविधियां हो सकेंगी।
एंट्री प्लाजा, टॉयलेट और पेयजल की सुविधा
चौपाटी में करीब 662 वर्गमीटर क्षेत्र में एंट्री प्लाजा और सिटिंग एरिया विकसित किया जाएगा। परिसर में टॉयलेट, पेयजल सुविधा और बाहरी सर्विस पाथवे का भी प्रावधान रखा गया है। इस तरह इसे सिर्फ फूड जोन तक सीमित न रखकर फैमिली रिक्रिएशन और पब्लिक स्पेस के रूप में विकसित करने की योजना है।
1868 में अकाल राहत के तौर पर बना था रामनिवास बाग
रामनिवास बाग जयपुर के सबसे पुराने और बड़े सार्वजनिक बागों में है। इसे 1868 में महाराजा सवाई रामसिंह द्वितीय ने अकाल के दौरान लोगों को रोजगार देने के मकसद से बनवाया था। बाग का खाका सर स्विंटन जैकब ने तैयार किया था।इसी परिसर में अल्बर्ट हॉल संग्रहालय भी है, जिसकी नींव 6 फरवरी 1876 को रखी गई थी और जो 1887 में जनता के लिए खोला गया। बाग में चिड़ियाघर और रवींद्र मंच जैसी जगहें भी हैं। शुरुआत में यह बाग करीब 76 एकड़ में फैला था, जो अब घटकर करीब 33 एकड़ रह गया है।
रामनिवास बाग में नया हैंगआउट स्पॉट
JDA अधिकारियों के अनुसार परियोजना का मकसद रामनिवास बाग में एक व्यवस्थित, स्वच्छ और आकर्षक सार्वजनिक स्थल विकसित करना है, जहां लोग खान-पान के साथ घूमने, बच्चों के मनोरंजन और परिवार के साथ समय बिताने की सुविधा पा सकें। प्राधिकरण को उम्मीद है कि इससे शहरी पर्यटन को भी नया आकर्षण मिलेगा। इससे पहले JDA ने जयपुर में 575 करोड़ रुपए के विकास कार्यों को मंजूरी दी थी, जिनमें एलिवेटेड रोड सहित कई बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
नोट: परियोजना फिलहाल प्रस्ताव के स्तर पर है। निर्माण कब शुरू होगा और कब तक पूरा होगा, इसका कार्यक्रम अभी घोषित नहीं हुआ है।
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