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September 18, 2026
बड़ी चौपड़ के मनिहारी जी के कटले में 13 घंटे तक धधकी आग, संकरे और अवरुद्ध रास्तों से दमकल संचालन प्रभावित, कई दुकानों में करोड़ों के नुकसान का अनुमान
जयपुर। बड़ी चौपड़ स्थित मनिहारी जी के कटले के सेठी कॉम्प्लेक्स में लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने भवन मालिक आनंद सेठी के खिलाफ खुद रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस रिपोर्ट में कॉम्प्लेक्स में कथित अवैध निर्माण, अग्निशमन सुरक्षा उपकरणों के सुचारू नहीं होने, फायर एनओसी से संबंधित कमियों तथा आवागमन के रास्ते संकरे और अवरुद्ध होने जैसे आरोप लगाए गए हैं। मामला उप निरीक्षक नरेन्द्र की ओर से दर्ज कराया गया है, जबकि जांच माणक चौक थानाधिकारी राकेश ख्यालिया को सौंपी गई है।पुलिस के अनुसार गुरुवार को कॉम्प्लेक्स की दूसरी मंजिल पर लगी आग करीब 13 घंटे तक अलग-अलग हिस्सों में धधकती रही। आग ने कपड़े, होजरी, चूड़ियों, कॉस्मेटिक और अन्य सामान से भरी कई दुकानों और गोदामों को अपनी चपेट में ले लिया। प्रारंभिक स्तर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई गई है, हालांकि अंतिम कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
संकरे रास्तों ने बढ़ाई दमकल की मुश्किल
पुलिस रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि कटले के भीतर जाने वाले रास्ते कई स्थानों पर संकरे और बाधित थे। इसी कारण बड़ी दमकल गाड़ियां सीधे कॉम्प्लेक्स तक नहीं पहुंच सकीं। फायर ब्रिगेड कर्मचारियों को मुख्य रास्ते से पाइप जोड़कर अंदर तक पानी पहुंचाना पड़ा।आग बुझाने के दौरान एक अस्थायी दीवार हटाकर भी रास्ता बनाया गया, ताकि दमकल कर्मचारी अंदर पहुंच सकें। बरामदों, बालकनियों और गलियारों में सामान रखा होने के कारण आवाजाही और मुश्किल हो गई। आग की तपिश इतनी अधिक थी कि आसपास जमा पानी भी गर्म हो गया और धुएं के कारण अंदर अधिक समय तक रुकना कठिन होता रहा।
दुकान नंबर 205 में करीब ढाई करोड़ के नुकसान का अनुमान
पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट में अलग-अलग दुकानों के नुकसान का भी उल्लेख किया गया है। दुकान नंबर 205 में करीब 2.50 करोड़ रुपए के सामान के नुकसान का अनुमान दर्ज किया गया है।दुकान नंबर 206-बी में संचालित विमल होजरी एजेंसी में करीब 65 से 70 लाख रुपए के नुकसान का प्रारंभिक अनुमान बताया गया है। अन्य दुकानों और गोदामों में भी लाखों रुपए के सामान के जलने की जानकारी दर्ज की गई है। हालांकि कुल आर्थिक नुकसान का अंतिम आंकड़ा अभी तय नहीं हुआ है। व्यापारियों के स्टॉक रिकॉर्ड, बिल और अन्य दस्तावेजों के आधार पर आगे वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाएगा।
इन दुकानों को पहुंचा नुकसान
आग की चपेट में आने वाली दुकानों में सतनाम मदान ट्रेडर्स, जितेन्द्र-कमल, कमल अग्रवाल, शैलेन्द्र अग्रवाल, राजेश, हसन, रमेश-राजेश, विमल होजरी एजेंसी, छोटूभाई पुरुषोत्तम, अशोक कुमार शर्मा और विकास शर्मा सहित कई व्यापारियों के प्रतिष्ठान शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा 201-ए से 206-ए श्रेणी की कई दुकानों और गोदामों में भी सामान जलने की बात सामने आई है। पुलिस और व्यापारिक संगठनों की ओर से प्रभावित दुकानों का अलग-अलग विवरण तैयार किया जा रहा है।
छत पर रेस्त्रां की NOC की भी होगी जांच
एडिशनल डीसीपी आलोक सिंघल के अनुसार शुरुआती जांच में आग शॉर्ट सर्किट से लगने की आशंका है। पुलिस अब कॉम्प्लेक्स के निर्माण, फायर सेफ्टी व्यवस्था और ऊपरी हिस्से में संचालित गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।कॉम्प्लेक्स की छत पर प्रस्तावित या संचालित रेस्त्रां के लिए आवश्यक अनुमति और एनओसी ली गई थी या नहीं, इसकी जानकारी लेने के लिए नगर निगम को पत्र लिखे जाने की बात कही गई है। इसके अलावा यह भी जांचा जाएगा कि भवन में मौजूद फायर फाइटिंग सिस्टम नियमित रूप से मेंटेन किया जा रहा था या नहीं और आग लगने के समय उपकरण काम करने की स्थिति में क्यों नहीं थे।
फायर NOC और सुरक्षा उपकरणों को लेकर जांच
पुलिस रिपोर्ट में फायर एनओसी की व्यवस्था तथा अग्निशमन सुरक्षा उपकरणों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। जांच में नगर निगम और फायर शाखा से रिकॉर्ड मांगा जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भवन को कब और किन शर्तों पर अनुमति दी गई थी। यदि पहले किसी तरह की फायर एनओसी जारी हुई थी तो उसकी वैधता, शर्तों और अंतिम निरीक्षण की तारीख भी जांच का हिस्सा बन सकती है। इन सभी बिंदुओं पर अभी जांच जारी है और पुलिस रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध मानना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।
सिविल डिफेंस और फायरकर्मियों ने संभाला मोर्चा
भीषण आग के दौरान फायर ब्रिगेड, पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमों ने लंबे समय तक राहत और बचाव कार्य चलाया। घने धुएं और अत्यधिक गर्मी के बीच कर्मचारियों को कई बार अंदर जाकर अलग-अलग हिस्सों में आग बुझानी पड़ी। इस दौरान बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामान होने के कारण आग बार-बार भड़कती रही। प्लास्टिक, कपड़े, लाख और कॉस्मेटिक सामग्री ने आग को तेजी से फैलने में मदद की।
व्यापार महासंघ ने मांगी स्थायी फायर व्यवस्था
अग्निकांड के बाद जयपुर व्यापार महासंघ ने प्रशासन और नगर निगम से परकोटे के बाजारों में स्थायी और प्रभावी अग्निशमन व्यवस्था विकसित करने की मांग दोहराई है।महासंघ अध्यक्ष सुभाष गोयल और महामंत्री सुरेश सैनी ने कहा कि पुरोहित जी का कटला और आसपास के बाजार बेहद संकरे हैं और लंबे समय से स्थायी फायर सिस्टम की मांग की जा रही है। व्यापारी संगठनों ने मांग की है कि परकोटे के बाजारों में फायर हाइड्रेंट, पर्याप्त पानी का प्रेशर, छोटी दमकलों की स्थायी उपलब्धता और नियमित फायर ऑडिट सुनिश्चित किया जाए।
अब पुलिस जांच में तय होगी जिम्मेदारी
सेठी कॉम्प्लेक्स अग्निकांड के बाद अब पुलिस जांच का फोकस केवल आग लगने के कारण पर नहीं, बल्कि भवन की संरचना, अनुमतियों और फायर सेफ्टी व्यवस्था पर भी रहेगा।पुलिस यह पता लगाएगी कि कॉम्प्लेक्स में निर्माण नियमों का पालन हुआ या नहीं, रास्ते किस कारण संकरे हुए, फायर उपकरण काम क्यों नहीं कर रहे थे और क्या किसी स्तर पर लापरवाही हुई। जांच पूरी होने और नगर निगम से रिकॉर्ड मिलने के बाद ही भवन मालिक या किसी अन्य व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण होगा।
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