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September 18, 2026
पुलिस प्रशासन द्वारा कांग्रेस एवं कांग्रेस समर्थित पार्षदों व उनके परिजनों पर अनुचित दबाव एवं प्रताड़ना बंद करने तथा निष्पक्षता बनाए रखने के सम्बन्ध में ज्ञापन।
अजमेर की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी और नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही है और नगर निगम के कार्यालय से फाइलें गायब की जा रही हैं।
शहर कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष विवेक पाराशर ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि कांग्रेस 'मोहब्बत की दुकान' लेकर आई है, जबकि भारतीय जनता पार्टी नफरत फैला रही है और लोकतंत्र की हत्या कर रही है। भाजपा अध्यक्ष रमेश सोनी और नगर निगम अधिकारी रमेश चौधरी पर सीधा आरोप है कि उन्होंने निगम से फाइलें गायब की हैं।
यह हम नहीं कह रहे, बल्कि भाजपा के पूर्व मेयर और अजमेर के प्रथम नागरिक रह चुके धर्मेंद्र गहलोत ने खुद वीडियो बनाकर दावा किया है कि रात में 8 से 9:30 बजे के बीच फाइलें चोरी की गई हैं।
यदि भाजपा को चोरी ही करनी है, तो प्रेम और मोहब्बत की चोरी कीजिए, अजमेर की जनता के दिलों को जीतिए, फाइलें चोरी क्यों कर रहे हैं? कांग्रेस ने आज सुंदरकांड का पाठ किया और जय श्री राम के नारे लगाए। भाजपा के पास बहुमत का आंकड़ा नहीं है, इसीलिए यह सब खेल खेला जा रहा है। हम मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की कॉल डिटेल, लोकेशन और सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच कराई जाए।
कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी एवं डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी का साफ तौर पर कहना है कि हाल ही में प्रदेश में संपन्न हुए नगर निकाय चुनावों में आम जनता ने अपना लोकतांत्रिक जनादेश दिया है। परंतु अत्यंत खेद का विषय है कि चुनाव परिणामों के पश्चात सत्ताधारी पार्टी के दबाव में पुलिस और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है। अजमेर जिले में कांग्रेस पार्टी एवं कांग्रेस समर्थित विजयी पार्षदों तथा उनके परिजनों को हराने, धमकाने और उन पर गैर-कानूनी तरीके से दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उन्हें जबरन सत्ता पक्ष के पाले में लाया जा सके। पुलिस और प्रशासन का मुख्य दायित्व कानून-व्यवस्था बनाए रखना और नागरिकों की सुरक्षा करना है, न कि किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता के रूप में कार्य करना। चुनावी प्रक्रिया में पुलिस प्रशासन का यह अनुचित हस्तक्षेप पूरी तरह से असहनीय है। अतः सरकारी मशीनरी और पुलिस तंत्र के दुरुपयोग को अविलंब बंद किया जाए तथा जिले में पुलिस प्रशासन की निष्पक्ष भूमिका सुनिश्चित की जाए। यदि इस प्रकार की दबावकारी कार्यशैली पर तुरत विराम नहीं लगाया गया तो काग्रेस पार्टी जनता के लोकतात्रिक अधिकारों की रक्षा हेतु आदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
अब देखना यह होगा कि इन आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी का क्या रुख रहता है।
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