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September 17, 2026
चार निकायों में 19 सितंबर से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया, 22 सितंबर तक नाम वापसी, बाकी 305 निकायों में 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच, 21 सितंबर को चुने जाएंगे मेयर-सभापति-अध्यक्ष
जयपुर। राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव 2026 में पुनर्मतदान के कारण टले जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम तथा कोटा जिले की सुकेत नगरपालिका के निकाय प्रमुखों के चुनाव के लिए नया कार्यक्रम सामने आया है। ताजा कार्यक्रम के अनुसार तीनों नगर निगमों में मेयर का चुनाव 25 सितंबर और डिप्टी मेयर का चुनाव 26 सितंबर को कराया जाएगा। इसी प्रकार सुकेत नगरपालिका में 25 सितंबर को अध्यक्ष और 26 सितंबर को उपाध्यक्ष पद का निर्वाचन होगा। इन चार निकायों में नामांकन की प्रक्रिया 19 सितंबर से शुरू होने और 22 सितंबर तक नाम वापस लिए जाने का कार्यक्रम बताया गया है।
इन चारों निकायों में पहले मेयर-अध्यक्ष पद का चुनाव 21 सितंबर और उप मेयर-उपाध्यक्ष पद का चुनाव 22 सितंबर को प्रस्तावित था। हालांकि 14 सितंबर की मतगणना के दौरान नौ वार्डों के 10 मतदान केंद्रों की ईवीएम में तकनीकी समस्या आने से सभी पार्षदों के परिणाम घोषित नहीं हो सके थे। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत में निकाय प्रमुख और उपप्रमुख पदों के चुनाव को स्थगित कर दिया था। आयोग ने कहा था कि सभी निर्वाचित पार्षदों के परिणाम घोषित होने के बाद ही इन पदों की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
16 सितंबर को हुआ पुनर्मतदान, 17 को मतगणना
ईवीएम संबंधी तकनीकी समस्या के कारण जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत के कुल 10 मतदान केंद्रों पर 16 सितंबर को दोबारा वोटिंग कराई गई। इन केंद्रों के मतों की गणना 17 सितंबर को रखी गई थी। पुनर्मतदान पूरा होने के बाद ही चारों निकायों की पूरी पार्षद संख्या स्पष्ट होने और मेयर-अध्यक्ष चुनाव की नई प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता खुला। इससे पहले राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. राजेश्वर सिंह ने भी कहा था कि पुनर्मतदान की मतगणना के तुरंत बाद 21 और 22 सितंबर को चुनाव करा पाना संभव नहीं होगा, क्योंकि उम्मीदवारों को नामांकन, संवीक्षा और नाम वापसी के लिए निर्धारित समय देना आवश्यक है। उस समय आयोग से जुड़े अधिकारियों ने 25 सितंबर या उसके बाद चुनाव कराए जाने की संभावना जताई थी।
19 सितंबर से चार निकायों में नई चुनाव प्रक्रिया
नए कार्यक्रम के अनुसार जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम के महापौर तथा सुकेत नगर पालिका के अध्यक्ष पद के लिए 19 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद उम्मीदवारों को 22 सितंबर तक नाम वापस लेने का अवसर मिलेगा। शेष वैध उम्मीदवारों के बीच 25 सितंबर को मतदान कराया जाएगा।
नगर निगमों में निर्वाचित पार्षद मेयर का चुनाव करेंगे, जबकि सुकेत नगरपालिका के निर्वाचित पार्षद अध्यक्ष का निर्वाचन करेंगे। मतदान के बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा। इसके अगले दिन 26 सितंबर को तीनों नगर निगमों में डिप्टी मेयर और सुकेत में उपाध्यक्ष पद की प्रक्रिया पूरी होगी। अभी वेब पर उपलब्ध रिपोर्टों में 25 और 26 सितंबर की तारीखों को पहले संभावित कार्यक्रम के तौर पर रिपोर्ट किया गया था; राज्य निर्वाचन आयोग की नई संशोधित अधिसूचना का ऑनलाइन इंडेक्स्ड संस्करण अभी खोज परिणामों में उपलब्ध नहीं है।
बाकी 305 निकायों में आज नामांकन पत्रों की जांच
दूसरी ओर, जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत को छोड़कर प्रदेश के 305 नगरीय निकायों में मेयर, सभापति और नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल रही है। इनमें सात नगर निगमों के साथ नगर परिषद और नगरपालिकाएं शामिल हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने इन 305 निकायों में अध्यक्षीय पदों की सार्वजनिक सूचना 15 सितंबर को जारी की थी और 16 सितंबर को नामांकन दाखिल किए गए।
गुरुवार, 17 सितंबर को इन नामांकन पत्रों की संवीक्षा यानी स्क्रूटनी की जा रही है। जांच में यह देखा जाएगा कि उम्मीदवार निर्धारित योग्यता, आरक्षण और नामांकन संबंधी कानूनी शर्तों को पूरा करते हैं या नहीं। संवीक्षा में वैध पाए गए उम्मीदवार 18 सितंबर दोपहर 3 बजे तक नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद उसी दिन अंतिम उम्मीदवारों की सूची और चुनाव चिह्नों की स्थिति स्पष्ट होगी। पहले से घोषित कार्यक्रम में इन 305 निकायों में प्रमुख पद का मतदान 21 सितंबर और उपप्रमुख का निर्वाचन 22 सितंबर को निर्धारित है।
305 निकायों में 989 नामांकन दाखिल
राज्यभर में मेयर, सभापति और नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने पर्चे दाखिल किए हैं। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार 305 नगरीय निकायों के लिए उपलब्ध सूची में कुल 989 नामांकन शामिल थे। कई स्थानों पर एक ही उम्मीदवार की ओर से एक से अधिक नामांकन भी जमा किए गए हैं।
इसलिए स्क्रूटनी और नाम वापसी के बाद ही प्रत्येक निकाय में अंतिम मुकाबले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। कई निकायों में भाजपा और कांग्रेस के साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं।
21 सितंबर को सात नगर निगमों सहित 305 निकायों में प्रमुख का फैसला
अलवर, भरतपुर, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर, पाली और भीलवाड़ा समेत सात नगर निगमों में मेयर का चुनाव 21 सितंबर के मूल कार्यक्रम के अनुसार होना है। इसी दिन नगर परिषदों में सभापति और नगरपालिकाओं में अध्यक्ष चुने जाएंगे। इसके अगले दिन 22 सितंबर को डिप्टी मेयर, उपसभापति और नगरपालिका उपाध्यक्ष के चुनाव होंगे।
वहीं जयपुर, जोधपुर और कोटा के मेयर चुनाव तथा सुकेत के अध्यक्ष चुनाव को पुनर्मतदान की वजह से अलग शेड्यूल में रखा गया है। इससे राजस्थान में निकाय प्रमुखों के निर्वाचन की प्रक्रिया अब दो चरणों में पूरी होगी—पहले 21-22 सितंबर को 305 निकाय और उसके बाद चार प्रभावित निकायों की प्रक्रिया।
चार निकायों पर अब फिर बढ़ेगी राजनीतिक गतिविधि
पुनर्मतदान के नतीजे सामने आने और नया चुनाव कार्यक्रम तय होने के बाद जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत में राजनीतिक गतिविधियां एक बार फिर तेज होंगी। इन निकायों में उम्मीदवार चयन, पार्षदों से रायशुमारी और दलों की संगठनात्मक रणनीतियां अब 25 सितंबर के मतदान को ध्यान में रखकर आगे बढ़ेंगी।
हालांकि किस दल या उम्मीदवार को पर्याप्त समर्थन मिलेगा, इसका फैसला निर्वाचित पार्षदों के मतदान से ही होगा। खासकर उन निकायों में जहां किसी एक दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है, वहां निर्दलीय और अन्य पार्षदों का रुख महत्वपूर्ण रहेगा।


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