For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 162083564
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: अजमेर ओपन जेल से उम्रकैद का कैदी फरार, हाजिरी में गायब मिला तो मचा हड़कंप, पुलिस ने शुरू की तलाश |  Ajmer Breaking News: पास्को कोर्ट संख्या एक के न्यायाधीश हेमंत बघेला ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल का कठोर कारावास, ₹10 हजार के जुर्माने की सुनाई सजा  |  Ajmer Breaking News: पास्को न्यायालय संख्या एक के न्यायाधीश हेमंत बघेला ने 8 साल की नाबालिग से दुष्कर्म के मामले आरोपी को 10 साल का कठोर कारावास, 23 हजार रुपए के अर्थ दंड से किया दंडित |  Ajmer Breaking News: कृष्ण गंज थाना अंतर्गत वैशाली नगर में प्रेस की केबिन में चोरी करते महिला पकड़ी , हंगामे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस |  Ajmer Breaking News: पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत ने नगर निगम कमिश्नर और निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष कार्रवाई की मांग |  Ajmer Breaking News: हाई सिक्योरिटी जेल में बंद धनसिंह पीपरोली की सुरक्षा को लेकर उनकी पत्नी भुवनेश्वरी कंवर उर्फ रिंकू कंवर ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। |  Ajmer Breaking News: पुलिस प्रशासन द्वारा कांग्रेस एवं कांग्रेस समर्थित पार्षदों व उनके परिजनों पर अनुचित दबाव एवं प्रताड़ना बंद करने तथा निष्पक्षता बनाए रखने के सम्बन्ध में ज्ञापन।  |  Ajmer Breaking News: प्रशासन पर बरसे विधायक विकास चौधरी, कलेक्टर ओर एसपी को दिया ज्ञापन, पुलिस-प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल,  |  Ajmer Breaking News: विकसित भारत जन सेवा कैंप के अंतर्गत जिले के विभिन्न राजकीय चिकित्सालयों में रक्तदान शिविर आयोजित |  Ajmer Breaking News: आत्महत्या रोकथाम में सकारात्मक संवाद महत्वपूर्ण, खुलकर करें मन की बातें, निकलेगा समाधान | 

अजमेर न्यूज़: अजमेर में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास का राजस्व मंडल दौरा, भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई और लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के निर्देश

Post Views 21

September 17, 2026

डबल बेंच-सिंगल बेंच के मामलों, कॉज लिस्ट और निर्णय लेखन की समीक्षा, नए राजस्व मंडल भवन के लिए भूमि आवंटन पर भी चर्चा, बार एसोसिएशन ने 30 से 35 बीघा जमीन और रिक्त पद भरने की रखी मांग

डबल बेंच-सिंगल बेंच के मामलों, कॉज लिस्ट और निर्णय लेखन की समीक्षा, नए राजस्व मंडल भवन के लिए भूमि आवंटन पर भी चर्चा, बार एसोसिएशन ने 30 से 35 बीघा जमीन और रिक्त पद भरने की रखी मांग

अजमेर। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गुरुवार को अजमेर स्थित राजस्व मंडल का दौरा कर विभागीय कार्यप्रणाली और लंबित राजस्व प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शिता, समयबद्ध निस्तारण और न्यायिक अनुशासन के साथ काम करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए और लंबित अनुशासनात्मक मामलों को भी तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए।मुख्य सचिव ने राजस्व मंडल में लंबित मामलों की संख्या, निस्तारण की गति, डबल बेंच और सिंगल बेंच में सुनवाई की स्थिति, कॉज लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया तथा पुराने और महत्वपूर्ण प्रकरणों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि केवल मामलों का निस्तारण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, गुणवत्ता और न्यायिक अनुशासन भी दिखाई देना चाहिए।

लंबित मामलों की प्रभावी निगरानी पर जोर

समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों से पूछा कि राजस्व मंडल में लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग किस प्रकार की जा रही है और पुराने प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए क्या व्यवस्था है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक स्तर पर लंबित मामलों की समीक्षा की जाए और अनावश्यक देरी के कारणों की पहचान कर उन्हें दूर किया जाए।उन्होंने कहा कि जिन मामलों में लंबे समय से सुनवाई लंबित है, उनकी अलग से सूची तैयार कर समयबद्ध निस्तारण की कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए। कॉज लिस्ट में भी मामलों की प्राथमिकता तार्किक और पारदर्शी आधार पर तय हो, ताकि पक्षकारों को अनावश्यक रूप से लंबा इंतजार नहीं करना पड़े।

भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई को अंत तक पहुंचाने के निर्देश

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों और विभागीय कार्रवाई की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई केवल जांच या प्रारंभिक नोटिस तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।उन्होंने ऐसे मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए अनुशासनात्मक प्रकरणों को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने पर जोर दिया। इसके साथ ही अधिकारियों से विभागीय स्तर पर जवाबदेही मजबूत करने और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने को कहा गया।मुख्य सचिव का यह निर्देश इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राजस्व विभाग का आम लोगों से सीधा जुड़ाव है। भूमि, खातेदारी, नामांतरण, सीमांकन, भूमि आवंटन और विभिन्न राजस्व अपीलों से जुड़े मामलों में बड़ी संख्या में लोगों को राजस्व न्यायालयों और मंडल का रुख करना पड़ता है।

निर्णय लेखन की गुणवत्ता पर भी चर्चा

मुख्य सचिव ने रिपोर्टेबल जजमेंट और निर्णय लेखन की प्रक्रिया की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि महत्वपूर्ण मामलों में दिए जा रहे निर्णयों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था अपनाई जा रही है।उन्होंने विशेष रूप से एसडीओ न्यायालयों में प्रभावी और स्पष्ट निर्णय लेखन पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि न्यायिक आदेश ऐसे होने चाहिए जिनमें तथ्य, कानून और निष्कर्ष स्पष्ट रूप से दर्ज हों, ताकि पक्षकारों को निर्णय का आधार समझने में कठिनाई न हो। राजस्व न्यायालयों में निर्णय लेखन की गुणवत्ता बेहतर होने से अपील और पुनरीक्षण के स्तर पर भी मामलों को समझने तथा उनका निस्तारण करने में सुविधा होती है।

डबल बेंच और सिंगल बेंच के निस्तारण की समीक्षा

वी. श्रीनिवास ने राजस्व मंडल की डबल बेंच और सिंगल बेंच में लंबित तथा निस्तारित मामलों की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से वर्तमान निस्तारण दर, पुराने लंबित प्रकरणों और सुनवाई के लिए प्राथमिकता तय करने की प्रणाली के संबंध में फीडबैक लिया।मुख्य सचिव ने मामलों की निगरानी के लिए नियमित समीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि केवल संख्या बढ़ाने के बजाय गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध न्यायिक निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।

नए राजस्व मंडल भवन पर भी हुई चर्चा

बैठक में अजमेर में राजस्व मंडल के नए भवन के लिए भूमि आवंटन का मुद्दा भी प्रमुख रूप से सामने आया। मुख्य सचिव ने प्रस्तावित भवन से जुड़े भूमि आवंटन और बजट घोषणा की प्रगति की जानकारी ली।उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बजट घोषणा की समयबद्ध पालना सुनिश्चित करने और नए भवन से जुड़ी आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए। वर्तमान राजस्व मंडल भवन की सीमित व्यवस्थाओं को देखते हुए लंबे समय से नए और अधिक विस्तृत भवन की मांग उठती रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि न्यायिक कार्य, रिकॉर्ड प्रबंधन, पार्किंग, अधिवक्ता सुविधाओं और आम पक्षकारों की जरूरत को देखते हुए नए परिसर की आवश्यकता है।

बार एसोसिएशन ने मांगी 30 से 35 बीघा भूमि

राजस्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शंकरलाल जाट ने मुख्य सचिव के सामने नए भवन के लिए करीब 30 से 35 बीघा भूमि शीघ्र आवंटित करने की मांग रखी। बार एसोसिएशन का कहना है कि मौजूदा भवन में भविष्य की जरूरतों के अनुरूप पर्याप्त स्थान नहीं है। नए भवन के लिए ऐसी जमीन उपलब्ध कराई जानी चाहिए, जहां न्यायालय कक्ष, अधिवक्ता चैंबर, रिकॉर्ड रूम, लाइब्रेरी, पार्किंग और पक्षकारों के लिए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जा सके।

रिक्त पद भरने और एडवोकेट कोटा बढ़ाने की मांग

राजस्व बार एसोसिएशन ने राजस्व मंडल में रिक्त पदों को शीघ्र भरने का मुद्दा भी उठाया। बार की ओर से कहा गया कि रिक्त पदों के कारण मामलों के निस्तारण की गति प्रभावित होती है और उपलब्ध बेंचों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ता है। इसके साथ ही एडवोकेट कोटे के पद दो से बढ़ाकर चार करने की मांग भी मुख्य सचिव के सामने रखी गई। बार एसोसिएशन ने तर्क दिया कि अधिवक्ता पृष्ठभूमि से आने वाले सदस्यों को राजस्व कानून और न्यायिक प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव होता है, इसलिए प्रतिनिधित्व बढ़ने से मंडल की न्यायिक कार्यप्रणाली को लाभ मिल सकता है। यह मांग फिलहाल बार एसोसिएशन की ओर से रखी गई है और इस पर सरकार के स्तर पर निर्णय होना बाकी है।

बार एसोसिएशन के अभिनंदन कार्यक्रम में भी पहुंचे मुख्य सचिव

राजस्व मंडल की समीक्षा से पहले मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास राजस्व बार एसोसिएशन के सभागार में आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में भी शामिल हुए। यहां अधिवक्ताओं ने राजस्व न्याय व्यवस्था, मंडल की बुनियादी सुविधाओं और लंबित मांगों से उन्हें अवगत कराया।कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं ने नए भवन, रिक्त पदों, अधिवक्ता कोटे और बेहतर न्यायिक आधारभूत संरचना से जुड़े विषय मुख्य सचिव के सामने रखे।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में राजस्व मंडल अध्यक्ष अजिताभ शर्मा, प्रमुख शासन सचिव राजस्व टी. रविकांत, निबंधक महावीर प्रसाद, राजस्व मंडल के सदस्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व न्याय व्यवस्था में आम नागरिक की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए लंबित मामलों का समय पर निस्तारण किया जाए। साथ ही प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved