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September 3, 2026
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी के मौके पर आगरा गेट स्थित वैभव लक्ष्मी मंदिर, पट्टी कटला में लक्ष्मी नारायण मंदिर सहित अनेक मंदिरों में खड़े रहकर उबछठ का व्रत किया गया। उबछठ के इस कठिन व्रत की महिमा का बखान करते हुए विवाहिताओं और कन्याओं ने बताया कि भगवान श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम के नाम से जाने जाते हैं जिन्होंने एक पत्नी व्रत का पालन किया लेकिन उन्होंने जब कृष्ण रूप में जन्म लिया तो 16 करोड़ गोपियों के साथ रासलीला कर उनकी उस इच्छा को पूरा किया। इस मौके पर चंद्र दर्शन के बाद पूजन और छठ की कथा सुनाई गई। भगवान श्री कृष्ण के जेष्ठ भ्राता बलराम की जयंती भी मनाई गई।पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक द्वापर युग में षष्ठी को शेषनाग के अवतार भगवान बलराम का जन्म हुआ था उनके सम्मान में ही इस पर्व की शुरुआत हुई। पंचांग के अनुसार षष्ठी तिथि बुधवार को 6:12 से प्रारंभ होकर 3 सितंबर सुबह 4:25 तक रही। इस दिन महिलाएं और युवतियां निराहार रहकर व्रत करती है। सूर्यास्त के बाद जल ग्रहण कर व्रत का संकल्प लेकर चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाता है।
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