Post Views 121
August 31, 2026
अनिल वनवानी/उदयपुर। नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस ने सभी 80 वार्डों में अपने पार्षद प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। सूची सामने आते ही पार्टी के भीतर और स्थानीय स्तर पर सियासी हलचल तेज हो गई है। कई पुराने चेहरों को फिर मौका मिला है, तो कई नए और युवा चेहरों पर भी दांव लगाया गया है। सबसे ज्यादा चर्चा वार्ड 73 से हितांशी शर्मा को टिकट दिए जाने की है। हितांशी पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास के भतीजे की पत्नी हैं और पहले पार्षद रह चुकी हैं। वहीं वार्ड 17 से कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ की पत्नी पूनम कुंवर राठौड़ को टिकट मिला है।
बड़े नामों पर कांग्रेस का भरोसा
कांग्रेस ने यूथ कांग्रेस उदयपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन केलावत को भी मैदान में उतारा है। नगर निगम में पिछली बार महापौर पद के प्रत्याशी रहे अरुण टांक को टिकट दिया गया है। बीजेपी से जनता सेना और फिर कांग्रेस में आए पंकज सुखवाल को भी उम्मीदवार बनाया गया है। युवा चेहरे सिद्धार्थ सोनी को भी मौका मिला है।
7 पूर्व पार्षदों को फिर टिकट
कांग्रेस ने सात पूर्व पार्षदों पर दोबारा भरोसा जताया है। इनमें अरुण टांक, शंकर चंदेल, हितांशी शर्मा, हिदायत तुल्ला, शिप्रा उपाध्याय, लक्ष्मीनारायण मेघवाल और नेहा कुमावत शामिल हैं।
इन प्रत्याशियों ने पहले ही भर दिया नामांकन
जारी सूची में शामिल कई प्रत्याशी नामांकन भी दाखिल कर चुके हैं। इनमें वार्ड 4 से स्नेहलता टांक, वार्ड 29 से नीना अग्रवाल, वार्ड 60 से प्रेमलता पालीवाल, वार्ड 61 से सीमा डांगी, वार्ड 62 से सविता गमेती, वार्ड 75 से तुलसीराम लौहार, वार्ड 76 से इंद्रा डांगी, वार्ड 79 से बाबूलाल गमेती और वार्ड 80 से योगेश पुष्करना शामिल हैं।
वार्ड 59 में टिकट को लेकर सवाल
वार्ड 59 से विनिया सालवी का नाम आने के बाद विवाद खड़ा हो गया। स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि वार्ड से सात लोगों ने आवेदन किए थे, लेकिन उनमें विनिया सालवी का नाम नहीं था। मामले की जानकारी ब्लॉक अध्यक्ष अजय सिंह को दी गई, जिन्होंने पार्टी मंच पर इसकी जानकारी देने की बात कही।
वार्ड 22 में विरोध, ‘पैराशूट’ उम्मीदवार का आरोप
वार्ड 22 से पूर्व पार्षद हिदायत तुल्ला को टिकट दिए जाने से स्थानीय दावेदार उमर फारूक और उनके समर्थक नाराज हैं। उमर फारूक ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात कर लिखित शिकायत दी और आरोप लगाया कि स्थानीय एवं समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर बाहरी यानी ‘पैराशूट’ उम्मीदवार को टिकट दिया गया।
कई पुराने नेताओं के टिकट कटे
कांग्रेस की सूची में वरिष्ठ नेता राजीव सुहालका और राव कल्याण सिंह को टिकट नहीं मिला। वहीं अजय पोरवाल और देवेंद्र माली का नाम भी सूची में नहीं होने से पार्टी के भीतर चर्चा शुरू हो गई है।
वार्ड 6 से अजीत चौधरी को टिकट दिए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि उनका क्षेत्र वार्ड 2 बताया जा रहा है। कई अन्य वार्डों में भी बाहरी उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने की चर्चा है।
पूर्व सरपंचों पर भी भरोसा
कांग्रेस ने ग्रामीण राजनीति से जुड़े चेहरों को भी निगम चुनाव में उतारा है। बड़गांव के पूर्व सरपंच संजय शर्मा को वार्ड 1 से टिकट दिया गया है। अंबेरी के सरपंच बाबूलाल गमेती वार्ड 79 से चुनाव लड़ेंगे। वहीं सापेटिया सरपंच पुष्करलाल के बेटे योगेश पुष्करना को वार्ड 80 से उम्मीदवार बनाया गया है। उप सरपंच रमेश डांगी को भी टिकट मिला है। कुल मिलाकर कांग्रेस की 80 वार्डों की सूची में पुराने चेहरों पर भरोसे के साथ नए और युवा उम्मीदवारों को भी जगह दी गई है। हालांकि कुछ वार्डों में टिकट को लेकर उठे विरोध और सवाल अब कांग्रेस के लिए चुनौती बन सकते हैं।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved