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August 29, 2026
अजमेर शरीफ दरगाह में हज़रत ख्वाजा कुतबुद्दीन बख्तियार काकी रहमतुल्लाह अलैही और हज़रत सैय्यद अलाउद्दीन साबिर पिया कलियरी रहमतुल्लाह अलैही के उर्स की तक़रीब अदा की गई। सुल्तानुल हिन्द हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज रहमतुल्लाह अलैही के दरबार मे महफिले समा के साथ साथ चिल्ला कुतुब साहब में चादर पोषी और उर्स की सलामी रस्म अदा की गई। दरगाह के ख़ुद्दामें ख्वाजा के मुताबिक़ तमाम चिश्तीया सिलसिले के बुजुर्गों के सालाना उर्स के मौके पर अजमेर शरीफ दरगाह से उनकी बारगाह में चादर भेजी जाती है। इसी तरह महरौली शरीफ और कलियर शरीफ जो अक़ीदत मंद नही जा पाते वो उर्स की महफ़िल अजमेर के चिल्ला शरीफ पर भी अदा करते है। जहां अजमेर दरगाह और चिल्ला शरीफ पर सूफ़ियाना क़व्वाली और उर्स की रस्म अदायगी की जाती है। ख़ुद्दामें ख्वाजा के मुताबिक़ हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज रहमतुल्लाह अलैही के ख़ास खलीफा व जानशीन हज़रत ख्वाजा कुतबुद्दीन बख्तियार काकी का अजमेर की कृषि घाटी पर चिल्ला शरीफ़ है,जहा उर्स भी मनाया जाता है और लंगरे आम भी किया जाता है। इसी तरह अजमेर दरगाह अंजुमन सैय्यद ज़ादगान की तरफ से महरौली और कलियर शरीफ़ में भी उर्स की महफ़िल,चादर पोषी और लंगर भी किया जाता है। मुम्बई से साबिर पाक के उर्स में पहुंचे मुम्बई के पीरे तरीक़त हाजी अब्दुल मन्नान शैख़ ने भी शिरक़त की जहा उनके साथ दिल्ली,मुम्बई,यूपी और राजस्थान से भी सूफी ख़ानक़ाहों के ज़िम्मेदार मौजूद थे। अजमेर से अंजुमन सैय्यद ज़ादगान के साबिक सैकेट्री सैय्यद वाहिद हुसैन अंगारा,सरवाड़ दरगाह के मुतवल्ली हाजी मोहम्मद यूसुफ खान,निज़ामुद्दीन दरगाह के ख़ादिम हाफ़िज़ सैय्यद अम्माद निज़ामी और मुल्क के मशहूर शायर अफ़ज़ल मेंगलोरी भी शामिल थे।
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