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August 26, 2026
रेलवे अधिकारी रवि मीणा के अपहरण का मामला, पुलिस ने बांदीकुई से अपहरणकर्ता से सकुशल छुड़ाया, सीओ नॉर्थ शिवम जोशी ने किया खुलासा
अजमेर। सिविल लाइन थाना अंतर्गत रेलवे भर्ती बोर्ड अजमेर में मुख्य कार्यालय अधीक्षक के पद पर कार्यरत रवि मीणा के कथित अपहरण के मामले में रवि की मां सामंती देवी ने सिविल लाइन थाने में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि 21 अगस्त को बांदीकुई के लिए रवाना होने के बाद उनका बेटा वहां नहीं पहुंचा। उन्होंने बेटे के ससुराल पक्ष के महेंद्र, पलाराम, इंद्राज सहित अन्य लोगों पर अपहरण का शक ज़ाहिर करते हुए कार्यवाही की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने टीम गठित कर सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर रवि की तलाश शुरू की। जांच के दौरान उसकी लोकेशन बांदीकुई, दौसा सदर और आसपास के क्षेत्रों में मिलने पर पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से संदिग्धों के रिश्तेदारों पर दबाव बनाया और पूछताछ शुरू की। इसी दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले। पुलिस की कार्रवाई के दबाव में कथित अपहरणकर्ता रवि मीणा को बांदीकुई में छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस रवि को सकुशल अजमेर लेकर पहुंची। रवि मीणा ने पुलिस को बताया कि 21 अगस्त को कार्यालय के बाहर एक गाड़ी ने उसे टक्कर मारने का प्रयास किया। इसके बाद गाड़ी से दो लोगों ने उतरकर उसे जबरन अंदर बैठा लिया। रवि ने दोनों में से एक का नाम देव और दूसरे का अनुज बताया। उसके अनुसार, कुछ दूर ले जाने के बाद आरोपियों ने बताया कि उसके साले महेंद्र ने उसका अपहरण करवाया है।
रवि ने यह भी बताया कि उसका पत्नी से पारिवारिक विवाद चल रहा है और इसी विवाद के चलते उसका अपहरण किया गया। आरोपियों ने कथित तौर पर उससे 51 लाख रुपये की मांग की और उसे लगातार अलग-अलग स्थानों पर ले जाते रहे। बांदीकुई पहुंचने पर पुलिस कार्रवाई के डर से आरोपी उसे छोड़कर फरार हो गए।पुलिस मामले में आरोपियों की भूमिका और अपहरण के पूरे घटनाक्रम की कर रही है। रवि मीणा को सकुशल अजमेर लाने में सिविल लाइन थाना एएसआई मनीराम और कांस्टेबल सुमित का विशेष योगदान रहा।
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