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August 7, 2026
तीर्थराज पुष्कर की वर्षों पुरानी सीवरेज और जल निकासी की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (RUIDP) के पांचवें चरण के तहत 29.69 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। शुक्रवार को उपखंड कार्यालय सभागार में आयोजित हितधारक संवाद कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शहर के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ प्रस्तावित परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुष्कर विधायक एवं जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने की।
बैठक में आरयूआईडीपी अधिकारियों ने बताया कि कुल 29.69 करोड़ रुपये की परियोजना में 25.83 करोड़ रुपये सीवरेज एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन, 1.61 करोड़ रुपये बाढ़ प्रबंधन एवं जल निकासी, तथा 2.25 करोड़ रुपये कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, हेरिटेज संरक्षण एवं पर्यटन विकास पर खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य शहर की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ पवित्र पुष्कर सरोवर को प्रदूषण से बचाना भी है।
मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि पुष्कर की सबसे बड़ी समस्या गंदे पानी की निकासी और सीवरेज व्यवस्था रही है। इसलिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और नागरिकों से सुझाव लेकर ऐसी योजना तैयार की जा रही है, जिससे भविष्य में इन समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की घोषणा के अनुरूप लगभग 480 करोड़ रुपये की ब्रह्मा कॉरिडोर परियोजना की डीपीआर तैयार हो चुकी है। इसके प्रथम चरण में घाटों का जीर्णोद्धार, आंतरिक सड़कें, नालियां, सीवरेज नेटवर्क, हेरिटेज वॉकवे, लाइटिंग, पार्किंग, गार्डन और लाइट एंड साउंड शो जैसे कार्य किए जाएंगे।
संवाद कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता अरुण पाराशर ने विस्तृत शोध पत्र प्रस्तुत करते हुए सुझाव दिया कि वर्तमान जरूरतों को देखते हुए पुरानी और कम क्षमता वाली सीवरेज पाइपलाइन को बदलकर बड़ी पाइपलाइन बिछाई जाए। उन्होंने सीवरेज और बरसाती पानी की अलग-अलग निकासी व्यवस्था विकसित करने, पंपिंग सिस्टम के बजाय ग्रेविटी आधारित प्रणाली अपनाने तथा होटलों, धर्मशालाओं और बड़े भवनों में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इससे जलभराव, सीवरेज पर दबाव और सरोवर में गंदे पानी की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
बैठक में अधिकारियों ने सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट में शामिल करने का आश्वासन दिया। मंत्री रावत ने विश्वास जताया कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से आने वाले समय में तीर्थराज पुष्कर को आधुनिक सुविधाओं से युक्त, स्वच्छ और व्यवस्थित धार्मिक एवं पर्यटन नगरी के रूप में नई पहचान मिलेगी।
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