For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 148062946
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी के आमरण अनशन को अकबर खान का समर्थन: बोले—यह हजारों गरीब पीड़ित परिवारों के न्याय की लड़ाई |  Ajmer Breaking News: अलवर गेट थाना अंतर्गत मदार रेलवे यार्ड स्थित सूने मकान में चोरी की वारदात, जेवर और नकदी लेकर फरार हुए चोर |  Ajmer Breaking News: भाभी पर गर्म दूध फेंकने का आरोप, देवरानी के खिलाफ मामला दर्ज |  Ajmer Breaking News: जयपुर इलाज कराने गए परिवार के सूने मकान में लाखों की चोरी, CCTV में कैद हुए बदमाश |  Ajmer Breaking News: उच्च न्यायालय की रोक के बावजूद दक्षिण विधायक अनीता भदेल ने अपने निवास पर बांटे पट्टे, विधानसभा प्रत्याशी द्रोपदी कोली ने जताया विरोध, कलेक्टर को सोपा ज्ञापन |  Ajmer Breaking News: पिज्जा ऑर्डर के विवाद में होटल में घुसकर मारपीट का आरोप, पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार |  Ajmer Breaking News: रामगंज थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई,ऑनलाइन गेमिंग के जरिए ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार, |  Ajmer Breaking News: अजमेर जिला न्यायालय को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट |  Ajmer Breaking News: तीर्थंनगरी की सफाई व्यवस्था से खिलवाड़ और अतिक्रमण नही होंगे बर्दाश्त- जेसवानी, पुष्कर नगर परिषद की आयुक्त जेसवानी कार्यभार संभालते ही एकशन मोड़ में |  Ajmer Breaking News: पुलिस द्वारा 13 लाख 6 हजार रुपये के जाली नोट बरामदगी मामले में गिरफ्तार आरोपी विक्रम जोन (27) निवासी प्रिंस हिल्स कॉलोनी, बड़ी नागफणी को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया। | 

राजस्थान न्यूज़: बुटाटी धाम मंदिर समिति में 22.74 करोड़ की कथित गड़बड़ी: चढ़ावे और सोने-चांदी का रिकॉर्ड नहीं, अध्यक्ष समेत 11 पदाधिकारियों पर FIR की सिफारिश

Post Views 01

July 14, 2026

नागौर जिले के बुटाटी स्थित संत श्री चतुरदासजी महाराज मंदिर विकास समिति के वित्तीय कामकाज की जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

नागौर। जिले के बुटाटी स्थित संत श्री चतुरदासजी महाराज मंदिर विकास समिति के वित्तीय कामकाज की जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच समिति ने मंदिर की आय, खर्च, चढ़ावे, सोने-चांदी, रसोई, भोजनशाला निर्माण, ग्राम विकास, गौशाला और अन्य मदों के लेखांकन पर सवाल उठाते हुए करीब 22.74 करोड़ रुपए की कथित गड़बड़ी का आकलन किया है।

जांच रिपोर्ट में तत्कालीन और वर्तमान समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह सहित 11 पदाधिकारियों के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, खातों में हेरफेर और साक्ष्य नष्ट करने जैसी धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की गई है। साथ ही संबंधित पदाधिकारियों की निजी संपत्तियां कुर्क करने की मांग भी की गई है।146 दिन की जांच के बाद सौंपी रिपोर्ट

मंदिर विकास समिति के वित्तीय कामकाज की जांच के लिए तत्कालीन जिला कलेक्टर ने 29 जनवरी 2026 को छह सदस्यीय समिति गठित की थी। बाद में सात अन्य सदस्यों को शामिल कर जांच समिति की संख्या 13 कर दी गई।

समिति ने करीब 146 दिन तक खातों, बैंक लेनदेन, वाउचर और अन्य दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद 23 जून 2026 को जांच रिपोर्ट जिला कलेक्टर को सौंपी गई। जांच के दौरान समिति ने मंदिर प्रबंधन से विभिन्न वित्तीय अभिलेख मांगे, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार कई मदों का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया।

दो वर्षों में 15.16 करोड़ की गड़बड़ी का दावा

जांच रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के उपलब्ध दस्तावेजों में करीब 15.16 करोड़ रुपए की कथित अनियमितताएं सामने आईं। वित्तीय वर्ष 2025-26 का पूरा रिकॉर्ड जांच दल को उपलब्ध नहीं कराया गया।

रिपोर्ट में पिछले वर्षों के खर्च और आय के अनुपात के आधार पर वर्ष 2025-26 में करीब 7.58 करोड़ रुपए की संभावित अनियमितता का अनुमान लगाया गया। दोनों आंकड़ों को जोड़कर जांच समिति ने कुल 22.74 करोड़ रुपए की कथित गड़बड़ी आंकी है।

चढ़ावे और सोने-चांदी का लेखा उपलब्ध नहीं

जांच रिपोर्ट में मंदिर में आने वाले नकद चढ़ावे और सोने-चांदी के आभूषणों के लेखांकन पर भी आपत्ति जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पुरानी समिति के समय करीब 36 किलो चांदी और 250 ग्राम सोना होने की जानकारी सामने आई थी।

नई समिति के कार्यभार ग्रहण करने के समय करीब 35.5 किलो चांदी और 280 ग्राम सोना बताया गया। इसकी मौजूदा कीमत करीब 2.60 करोड़ रुपए आंकी गई, लेकिन जांच दल को इसका व्यवस्थित लेखा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हुआ।

भामाशाह ने बनवाई भोजनशाला, समिति ने दिखाया खर्च

जांच रिपोर्ट में भोजनशाला के निर्माण खर्च पर भी सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भोजनशाला का निर्माण एक भामाशाह की ओर से करवाया गया था, जबकि मंदिर समिति ने अपने खातों में इसके निर्माण पर 49 लाख 49 हजार 633 रुपए खर्च होना दर्शाया।

इसी प्रकार रसोई खर्च में भी एक वर्ष के भीतर असामान्य वृद्धि बताई गई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में रसोई पर करीब 26.99 लाख रुपए खर्च दर्ज था, जो 2024-25 में बढ़कर करीब 90.64 लाख रुपए हो गया। इस प्रकार एक वर्ष में रसोई खर्च में करीब 335 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

किराया आय भी खातों में नहीं मिली

रिपोर्ट में कहा गया है कि दुकानों और अन्य परिसंपत्तियों से प्राप्त होने वाली करीब 18.12 लाख रुपए की किराया आय खातों में दर्ज नहीं मिली। खरीद, भुगतान, आय और संपत्तियों के मूल्यांकन से संबंधित अलग-अलग मदों में भी करोड़ों रुपए की वित्तीय अनियमितताओं पर सवाल उठाए गए हैं।

समिति ने सीसीटीवी कैमरों की खरीद और रखरखाव पर करीब 82.41 लाख रुपए, सुरक्षा सेवाओं पर 31.33 लाख रुपए, गौशाला के रखरखाव पर 17.87 लाख रुपए तथा मरम्मत, अनुरक्षण, कंप्यूटर, फर्नीचर और मशीनरी पर करीब 97.48 लाख रुपए खर्च दिखाए जाने पर भी आपत्ति दर्ज की है।

ग्राम विकास के नाम पर 1.28 करोड़ के खर्च पर सवाल

जांच रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में ग्राम विकास के नाम पर करीब 31.37 लाख रुपए खर्च दर्शाए गए। हालांकि, जांच के दौरान न तो संबंधित ठेकेदारों का समुचित रिकॉर्ड मिला और न ही कार्यों के भौतिक सत्यापन से संबंधित पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध हुए।

इसके अतिरिक्त कंप्यूटर, फर्नीचर और अन्य कार्यों के नाम पर करीब 97.48 लाख रुपए के बिल, कार्यादेश और खर्च दिखाए गए। जांच समिति ने दोनों मदों को मिलाकर करीब 1.28 करोड़ रुपए के खर्च पर सवाल खड़े किए हैं।

अध्यक्ष सहित 11 पदाधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश

जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में अध्यक्ष देवेंद्र सिंह सहित तत्कालीन और वर्तमान समिति के कुल 11 पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि खातों में हेरफेर, वित्तीय दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने और धन के उपयोग का स्पष्ट विवरण नहीं मिलने के कारण आपराधिक जांच आवश्यक है।

इसके साथ ही संबंधित व्यक्तियों की निजी संपत्तियों की जांच और आवश्यकता होने पर उन्हें कुर्क करने की कार्रवाई का भी सुझाव दिया गया है। अब जिला प्रशासन को जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई करनी है।समिति अध्यक्ष ने आरोपों से किया इनकार

मंदिर समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने अनियमितताओं के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि जांच के दौरान जब भी दस्तावेज मांगे गए, समिति ने तीन दिन के भीतर उपलब्ध करा दिए। आगे भी दस्तावेज मांगे जाएंगे तो समिति उन्हें देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि समिति की ओर से किसी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी नहीं की गई है। फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय और कानूनी कार्रवाई किया जाना शेष है।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved