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July 3, 2026
कच्ची बस्ती के 300 गरीब परिवारों को बेदखली की धमकी, मानवाधिकार परिषद ने जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन
अजमेर, 4 जुलाई। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं समाज कल्याण परिषद ने कच्ची बस्ती में निवासरत करीब 200 से 300 गरीब परिवारों को कथित रूप से बेदखल करने और बस्ती में स्थित पुराने देवस्थान को नुकसान पहुँचाने की धमकियों के विरोध में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
परिषद के राष्ट्रीय महासचिव उदित नारायण ने बताया कि संस्था को कच्ची बस्ती में रहने वाले लोगों से लिखित एवं मौखिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शिकायत के अनुसार संबंधित महाविद्यालय के प्राचार्य एवं क्षेत्र के सरपंच द्वारा बस्ती को खाली कराने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। ज्ञापन में दावा किया गया है कि यह बस्ती लगभग 80 से 90 वर्ष पुरानी है, जहाँ वर्तमान में रहने वाले परिवारों की चार से पाँच पीढ़ियाँ निवास कर चुकी हैं। अधिकांश परिवारों के पास मतदाता पहचान पत्र, पहचान पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं, जो उनके लंबे समय से निवासरत होने का आधार हैं।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया एवं वैकल्पिक पुनर्वास व्यवस्था के गरीब परिवारों को हटाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही बस्ती में स्थित करीब 50 वर्ष पुराने देवस्थान को भी नुकसान पहुँचाने की धमकी दी जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाएँ आहत होने और सामाजिक तनाव की आशंका जताई गई है।
परिषद ने बताया कि इस मामले की जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्र दीपक ठाकुर को भी दी गई है। संस्था ने प्रशासन से मांग की है कि बिना वैधानिक प्रक्रिया के किसी भी बेदखली की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए, संबंधित अधिकारियों एवं व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए, देवस्थान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा पीड़ित परिवारों को प्रशासनिक संरक्षण प्रदान किया जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।
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