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July 3, 2026
अजमेर। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी विष्णु सिंह जाट को शुक्रवार सुबह प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। हथियारबंद जवानों की कड़ी सुरक्षा में आरोपी को जेल से सिविल लाइन थाना लाया गया। पुलिस अब उससे हत्या के कारण, वारदात के तरीके और संभावित साजिश से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ करेगी।
अजमेर उत्तर सीओ शिवम जोशी ने बताया कि हाई सिक्योरिटी जेल में बंद डकैत जगन गुर्जर की 29 जून को हत्या हुई थी। मामले में आरोपी विष्णु सिंह जाट को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया है। पुलिस उससे यह जानकारी जुटाएगी कि हत्या की वारदात कैसे अंजाम दी गई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या रहे।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी विष्णु ने पुलिस को बताया कि जेल के भीतर जगन गुर्जर का दबदबा था और उसे कैदी “जग्गू दादा” कहकर बुलाते थे। आरोपी ने दावा किया कि जगन उस पर दबाव बनाता था और उससे निजी कार्य करवाता था। आरोपी ने यह भी कहा कि जगन द्वारा उस पर टिप्पणियां की जाती थीं, जिससे वह नाराज था।
थाने लाए जाने के दौरान आरोपी विष्णु ने कहा कि उसका जगन गुर्जर के साथ झगड़ा हुआ था और इसी विवाद के चलते उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, पुलिस आरोपी के बयान की स्वतंत्र रूप से जांच करेगी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करेगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी से कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह जानने का प्रयास करेगी कि हत्या अचानक हुए विवाद का परिणाम थी या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी। यह भी जांच की जाएगी कि घटना के समय जगन गुर्जर ने संघर्ष क्यों नहीं किया और क्या उसे पहले किसी प्रकार का नशीला पदार्थ दिया गया था या नहीं।
इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाएगी कि हत्या में आरोपी विष्णु के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। जेल के भीतर आरोपी की गतिविधियों, सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई इस हत्या ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब आरोपी की पुलिस पूछताछ से इस मामले में कई अहम तथ्य सामने आने की संभावना है।
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