For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 132792758
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: विश्व भर में पेट्रोल डीजल पर आए संकट का असर अब राजस्थान में भी आया नजर, देर रात से पेट्रोल और डीजल के दामों में तीन से साढे तीन रुपए तक की हुई बढ़ोतरी, |  Ajmer Breaking News: दरगाह थाना अंतर्गत ओसवाल स्कूल के पास लावारिस हालत में मिली एक माह की बच्ची, बच्ची की पीठ पर गांठ और सिर सामान्य से है काफी बड़ा  |  Ajmer Breaking News: अलग-अलग थाना क्षेत्र में गुम हुए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद करने में पुलिस को मिली सफलता, |  Ajmer Breaking News: अजमेर की निकटवर्ती अराई गांव में कुएं की दीवार बांध रहे दो ग्रामवासी रस्सी और बल्ली टूटने से कुएं में गिरे, दोनों की मौत, |  Ajmer Breaking News: रामचंद्र चौधरी के नेतृत्व में डेयरी संघों की बड़ी जीत, राजस्थान में श्वेत क्रांति की लाज न्यायपालिका ने बचाई! |  Ajmer Breaking News: भारतीय जनता पार्टी अजमेर शहर की जिला संगठनात्मक मासिक बैठक संपन्न |  Ajmer Breaking News: पॉलीटेक्निक कॉलेज 250 फीट जमीन पर उगाएगा 500 पौधे, श्री देवनानी ने किया शुभारम्भ, क्षेत्र में पहली बार जिगजेग पद्धति से उगाएंगे फलदार पौधे |  Ajmer Breaking News: विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने ओसवाल जैन विद्यालय में नवीन कक्षा-कक्ष निर्माण कार्य का किया शुभारम्भ |  Ajmer Breaking News: तीन माह से मानदेय भुगतान नहीं होने से नाराज 2400 सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का तीसरा दिन, |  Ajmer Breaking News: मेरा मुल्क मेरी पहचान, अजमेर की पावन धरती से विश्व को शांति का संदेश | 

अजमेर न्यूज़: रामचंद्र चौधरी के नेतृत्व में डेयरी संघों की बड़ी जीत, राजस्थान में श्वेत क्रांति की लाज न्यायपालिका ने बचाई!

Post Views 01

May 15, 2026

सब-हेडिंग: 13 हज़ार प्राथमिक डेयरी समितियों और जिला संघों में प्रशासक लगाने की सरकारी मंशा पर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक स्टे, पूछा- समय पर चुनाव क्यों नहीं करवाए?

रामचंद्र चौधरी के नेतृत्व में डेयरी संघों की बड़ी जीत, राजस्थान में 'श्वेत क्रांति' की लाज न्यायपालिका ने बचाई!

सब-हेडिंग: 13 हज़ार प्राथमिक डेयरी समितियों और जिला संघों में प्रशासक लगाने की सरकारी मंशा पर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक 'स्टे', पूछा- "समय पर चुनाव क्यों नहीं करवाए?"

जयपुर/अजमेर (विशेष संवाददाता): राजस्थान की 'श्वेत क्रांति' और सहकारिता क्षेत्र में भूचाल लाने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश की लगभग 13,000 प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी (दु.उ.स.) समितियों और 22-23 जिला सहकारी संघों के लोकतांत्रिक ढांचे को खत्म करने की राज्य सरकार की कथित कोशिशों पर माननीय उच्च न्यायालय (High Court) ने कड़ा प्रहार किया है। सहकारिता के पुरोधा और वरिष्ठ नेता रामचंद्र चौधरी के नेतृत्व में लड़ी गई इस बड़ी कानूनी लड़ाई के बाद, न्यायपालिका के समय रहते हस्तक्षेप से प्रदेश की श्वेत क्रांति की लाज बच गई है और सरकार द्वारा मनमाने ढंग से प्रशासक नियुक्त करने की योजना पर पानी फिर गया है।

क्या है पूरा मामला और क्या थी ऐतिहासिक परंपरा?

प्रदेश में वर्तमान में लगभग 13,000 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां कार्यरत हैं। इन पर 22-23 जिलों में 'जिला सहकारी संघ' बने हुए हैं और इनके ऊपर शीर्ष संस्था के रूप में 'राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन' (RCDF) कार्य कर रही है। सहकारिता के इतिहास पर नज़र डालें तो:

* 2010 (कांग्रेस शासन): समस्त प्राथमिक समितियों के चुनाव, संचालक मंडल को भंग किए बिना ही करवाए गए थे।

* 2015 (भाजपा शासन): बिना संचालक मंडल भंग किए ही प्राथमिक एवं जिला संघों के चुनाव शांतिपूर्ण सम्पन्न हुए थे।

* 2021: इसी आधार पर संचालक मंडल को भंग किए बिना चुनाव सम्पन्न करवाए गए।

वर्तमान सरकार की मंशा और विवाद की शुरुआत

इस बार जनवरी, फरवरी और मार्च में लगभग 13,000 प्राथमिक समितियों के चुनाव देय (Due) थे। समस्त सम्बन्धित समितियों ने समय रहते पत्र और प्रस्ताव भेजकर माननीय रजिस्ट्रार (सहकारी समितियां, राजस्थान) एवं निर्वाचन अधिकारी से अनुरोध किया था कि पूर्व की भांति बिना संचालक मंडल भंग किए चुनाव समय पर करवाए जाएं। इसके पश्चात अप्रैल माह में जिला संघों के चुनाव भी तय समय सीमा में करवाए जाने थे।

परन्तु, वर्तमान राज्य सरकार ने प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों एवं जिला संघों के चुनाव समय पर सम्पन्न नहीं करवाकर इनमें कार्यरत संचालक मंडलों को भंग करने और प्रशासक (Administrator) नियुक्त करने की मंशा जाहिर की। सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में मुख्यमंत्री के ओएसडी (OSD) के संयुक्त सचिव के निर्देशन में सहकारिता सचिव और RCDF के प्रबंध संचालक (MD) की एक अति-आवश्यक बैठक मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित करने के आदेश जारी किए गए।

रामचंद्र चौधरी के नेतृत्व में न्यायपालिका की शरण में गए 12-13 दुग्ध संघ

जैसे ही सरकार की इस मंशा की भनक लगी, वरिष्ठ सहकारी नेता रामचंद्र चौधरी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में श्वेत क्रांति के जनप्रतिनिधि एकजुट हो गए। उनके दिशा-निर्देशन में लगभग 12-13 दुग्ध संघों के संचालक मंडलों ने न्याय की गुहार लगाते हुए माननीय उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया। न्यायालय में मजबूती से प्रार्थना की गई कि राज्य सरकार श्वेत क्रांति से जुड़े चुनाव समय पर नहीं करवाकर लोकतांत्रिक ढांचे को खत्म कर प्रशासक लगाना चाहती है।

न्यायालय का ऐतिहासिक स्टे (स्थगन आदेश) और सरकार से जवाब-तलब

सहकारी समितियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए माननीय उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया:

* 20 अप्रैल: मध्यान्ह पूर्व रामचंद्र चौधरी से जुड़े अजमेर जिला संघ और बीकानेर के मामले में माननीय न्यायाधीश ने स्थगन आदेश (Stay Order) जारी करते हुए आगामी तारीख तक संचालक मंडल को भंग नहीं करने का आदेश दिया। साथ ही सरकार से स्पष्टीकरण मांगा कि समय पर चुनाव क्यों नहीं करवाए गए।

* 21 अप्रैल का विवादित आदेश: रजिस्ट्रार सहकारी समितियां (कुलसचिव अजय उपाध्याय) द्वारा 21 अप्रैल को एक आदेश जारी किया गया था जिसमें कार्यकाल समाप्त हो चुकी समितियों और जिला संघों में प्रशासक नियुक्त कर अवगत कराने को कहा गया था।

* जस्टिस समीर जैन का बड़ा फैसला: माननीय न्यायाधीश श्री समीर जैन ने सरकार के प्रशासक लगाने के आदेश पर रोक लगा दी। इस आदेश से प्रदेश की समस्त प्राथमिक समितियों एवं जिला संघों में समय पर चुनाव कराने और किसी भी संचालक मंडल को भंग नहीं करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया।

* धीरे-धीरे जयपुर, 14 मई को भरतपुर, बीकानेर (जोधपुर बेंच द्वारा) को भी स्थगन आदेश मिले।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved