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May 13, 2026
NEET 2026 पेपर लीक और परीक्षा रद्द करने के प्रकरण में देहात जिला कांग्रेस का जिला कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का फूंका पुतला
NEET-2026 परीक्षा पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के विरोध में बुधवार को अजमेर में किशनगढ़ विधायक एवं अजमेर देहात कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. विकास चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी फूंका । कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पर चढ़कर केंद्र सरकार और NTA के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान "पेपर लीक बंद करो", “NTA खत्म करो”, “युवा विरोधी सरकार जवाब दो" और "22 लाख छात्रों को न्याय दो” जैसे नारों से पूरा कलेक्ट्रेट क्षेत्र गूंज उठा। मीडिया से बात करते हुए
डॉ. विकास चौधरी ने कहा कि NEET-2026 में हुआ पेपर लीक केवल परीक्षा में गड़बड़ी नहीं, बल्कि देश के लाखों युवाओं की मेहनत, सपनों और भरोसे की हत्या है। उन्होंने कहा कि छात्र वर्षों तक कठिन मेहनत और मानसिक दबाव झेलकर परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की विफलता ने पूरी परीक्षा व्यवस्था को मजाक बनाकर रख दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में भी NEET परीक्षा पेपर लीक और धांधली के आरोपों में घिरी थी, लेकिन केंद्र सरकार ने कोई सबक नहीं लिया। चौधरी ने कहा कि जिन एजेंसियों और अधिकारियों पर पहले सवाल उठे थे, उन्हें ब्लैकलिस्ट क्यों नहीं किया गया? आखिर किसके संरक्षण में शिक्षा माफिया देश के युवाओं का भविष्य बेच रहे हैं? कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में लगभग हर बड़ी भर्ती और प्रतियोगी परीक्षा विवादों में रही है। रेलवे भर्ती, पुलिस भर्ती, शिक्षक भर्ती और अब मेडिकल प्रवेश परीक्षा तक में पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार देने में विफल रही है और अब युवाओं की परीक्षाएं भी सुरक्षित नहीं रख पा रही।
कांग्रेस ने अपने मांग पत्र में उल्लेख किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें। NEET-2026 की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच करवाई जाए। बार-बार विवादों में घिर रही NTA को तत्काल भंग किया जाए। पेपर लीक में शामिल शिक्षा माफियाओं, अधिकारियों और संरक्षण देने वालों को गिरफ्तार किया जाए। छात्रों को न्याय देने के लिए परीक्षा दोबारा करवाई जाए। पेपर प्रिंटिंग, सुरक्षा और वितरण प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की जांच हो। कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रांजैक्शन और एजेंसी कॉन्ट्रैक्ट सार्वजनिक किए जाएं।
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