For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 130143320
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: अजमेर के चौरसिया वास क्षेत्र में नगर निगम ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए नाले पर बने 8 मकान की दीवारों को ध्वस्त कर दिया। |  Ajmer Breaking News: अजमेर के बिहारीगंज क्षेत्र में चेन स्नैचिंग की वारदात से इलाके में दहशत फैल गई। |  Ajmer Breaking News: अजमेर जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला की अध्यक्षता में सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में स्टाफ काउंसलिंग की बैठक ली गई। |  Ajmer Breaking News: अजमेर संभाग के सबसे बड़े जवाहर लाल नेहरु अस्पताल में एक ऐसी बीमारी का बिना ऑपरेशन  इलाज किया गया है, |  Ajmer Breaking News: भाजपा शहर जिला ने अजमेर में मनाया विजयोत्सव, गांधी भवन चौराहा पर आतिशबाजी कर बांटी मिठाई,नाचते गाते मनाया प्रचंड जीत का जश्न     |  Ajmer Breaking News: पुष्कर में भाजपा का विजयोत्सव: पश्चिम बंगाल की जीत पर आतिशबाजी, मिठाई बांटकर जताई खुशी |  Ajmer Breaking News: तारागढ़ की तलहटी में करें ध्यान, 3 करोड़ की लागत से बनेगा आध्यात्मिक केन्द्र |  Ajmer Breaking News: कड़ी सुरक्षा में चार हार्डकोर अपराधी जेएलएन अस्पताल लाए गए, इलाज के बाद वापस जेल भेजे गए |  Ajmer Breaking News: दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे पर कोर्ट में गरमाई बहस, 12 पक्षकारों की एंट्री पर टिकी नजरें, अगली सुनवाई 6 मई को  |  Ajmer Breaking News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के विरुद्ध की गई अश्लील अभद्र टिप्पणी वाले मामले में कांग्रेस नेता पियूष सुराणा को मिली जमानत, | 

राजस्थान न्यूज़: सब-इंस्पेक्टर भर्ती-2021 रद्द ही रहेगी: सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल लीव पिटीशन खारिज की, पेपर लीक को बताया सिस्टमैटिक

Post Views 51

May 4, 2026

कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह मामला सार्वजनिक हित से जुड़ा है और उनके कार्यकाल में हुई घटनाओं पर की गई टिप्पणियां हटाई नहीं जाएंगी।

जयपुर। राजस्थान की बहुचर्चित सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए चयनित अभ्यर्थियों की स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) खारिज कर दी है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया गंभीर रूप से दूषित है और इसे वैध ठहराया नहीं जा सकता। कोर्ट ने टिप्पणी की कि राजस्थान से भर्ती घोटालों से जुड़े कई मामले नियमित रूप से सामने आ रहे हैं और इस भर्ती में “संस्थागत स्तर पर पेपर लीक” हुआ है।सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जब चयन प्रक्रिया की गोपनीयता और निष्पक्षता ही भंग हो चुकी हो, तो ऐसे में दोषी और निर्दोष अभ्यर्थियों को अलग करना ही एकमात्र कानूनी विकल्प होता है। हालांकि, वर्तमान मामले में यह संभव नहीं पाया गया। कोर्ट ने उदाहरण देते हुए कहा कि NEET जैसे मामलों में भी सीमित संख्या में गड़बड़ी सामने आने के बावजूद पूरी प्रक्रिया रद्द की गई थी, जिससे स्पष्ट है कि परीक्षा की शुचिता सर्वोपरि है।

गौरतलब है कि इस भर्ती में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के एक सदस्य की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिस पर परीक्षा से पहले पेपर लीक कराने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही उसकी जमानत याचिका खारिज कर चुका है। अदालत ने कहा कि इस तरह की घटनाएं प्रणालीगत खामियों की ओर संकेत करती हैं और ऐसे में पूरी भर्ती को वैध ठहराना न्यायसंगत नहीं होगा।

यह मामला पहले राजस्थान हाईकोर्ट में भी सुनवाई के बाद भर्ती रद्द होने तक पहुंच चुका था। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को भर्ती को निरस्त किया था, जिसे 4 अप्रैल 2026 को खंडपीठ ने भी बरकरार रखा। इसी निर्णय को चुनौती देते हुए चयनित अभ्यर्थी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन उन्हें वहां से भी राहत नहीं मिली।

चयनित अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी थी कि केवल 6.3 प्रतिशत अभ्यर्थी ही दूषित पाए गए हैं और उन्हें अलग किया जा सकता है। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि करीब 838 अभ्यर्थी दो वर्षों से सेवा में हैं और उनके प्रशिक्षण पर सार्वजनिक धन खर्च हो चुका है। इसके विपरीत, गैर-चयनित अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि जब पेपर लीक स्वयं आयोग के सदस्य द्वारा किया गया हो, तो पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता संदिग्ध हो जाती है और चयन को वैध नहीं माना जा सकता।सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में तत्कालीन RPSC चेयरमैन संजय श्रोत्रिय की याचिका भी खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने हाईकोर्ट की टिप्पणियों को हटाने की मांग की थी। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह मामला सार्वजनिक हित से जुड़ा है और उनके कार्यकाल में हुई घटनाओं पर की गई टिप्पणियां हटाई नहीं जाएंगी।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved