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May 2, 2026
दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे पर कोर्ट में गरमाई बहस, 12 पक्षकारों की एंट्री पर टिकी नजरें, अगली सुनवाई 6 मई को
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में संकट मोचन महादेव शिव मंदिर होने के दावे को लेकर दायर याचिका पर सिविल कोर्ट में शनिवार को सुनवाई के दौरान माहौल काफी गरमाया रहा। मामले में पक्षकार बनने के लिए दाखिल 12 अलग-अलग आवेदनों पर विस्तृत बहस हुई, जिसे कोर्ट ने गंभीरता से सुना।
सुनवाई के दौरान महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार सहित कई लोगों ने वादी और प्रतिवादी बनने के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। वहीं याचिकाकर्ता विष्णु गुप्ता की ओर से दाखिल याचिका को लेकर भी अदालत में कानूनी तर्क रखे गए।
याचिकाकर्ता के वकील संदीप कुमार ने बताया कि 1/10 के तहत 12 आवेदन कोर्ट में प्रस्तुत किए गए हैं, जिन पर सुनवाई हुई। उन्होंने कहा कि इन आवेदनों का विरोध भी किया गया है और कोर्ट से आग्रह किया गया है कि केवल उन्हीं पक्षकारों को शामिल किया जाए, जो तथ्यात्मक रूप से मामले के निस्तारण में सहयोग कर सकें।
वहीं दरगाह अंजुमन कमेटी के सचिव सरवर चिश्ती ने भी कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह एक धार्मिक स्थल है, इसलिए सबसे पहले खादिमों को सुना जाना चाहिए। उन्होंने देश के मौजूदा माहौल को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि दरगाह में हर धर्म के लोग आस्था के साथ आते हैं, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए।
सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। इस दौरान कई खादिम, अधिवक्ता और पक्षकार कोर्ट में मौजूद रहे।
फिलहाल अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अगली सुनवाई की तारीख 6 मई तय की है। अब इस संवेदनशील मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और कोर्ट के रुख पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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