Post Views 41
April 21, 2026
चेन्नई में दिए गए बयान को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। एक कार्यक्रम के दौरान खड़गे के कथित बयान—जिसमें उन्होंने पीएम मोदी को “आतंकवादी” कहा बताया गया—पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताते हुए माफी की मांग की है। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद खड़गे ने अपनी टिप्पणी पर सफाई देते हुए कहा कि उनका आशय व्यक्तिगत रूप से मोदी को आतंकवादी कहना नहीं था, बल्कि यह कहना था कि सरकार की नीतियों और एजेंसियों के जरिए राजनीतिक दलों और लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है।
खड़गे ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री लोगों और विपक्षी दलों को “डराते” हैं और केंद्रीय एजेंसियों जैसे ईडी, आयकर विभाग और सीबीआई का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि उनका बयान “आतंकित करने” के संदर्भ में था, न कि प्रधानमंत्री को आतंकवादी बताने के लिए। इसके बावजूद भाजपा ने इस स्पष्टीकरण को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है और खड़गे को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
गौरतलब है कि खड़गे इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी पर तीखी टिप्पणियां कर चुके हैं। 2024 में उन्होंने मोदी की तुलना आक्रमणकारी तैमूर लंग से की थी, जबकि 2023 में उन्हें “जहरीला सांप” और “झूठों का सरदार” जैसे शब्दों से संबोधित किया था, जिन पर बाद में उन्होंने सफाई दी थी। इस ताजा बयान के बाद एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा गया है और दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved