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April 20, 2026
पति पत्नी का अपहरण कर पति से मारपीट करने और दांतली से नाक काटने के साथ उसका वीडियो बनाकर वायरल करने के मामले में जिला न्यायालय ने आठ आरोपियों को सुनाई सजा,
सभी आठ आरोपियों को तीन-तीन साल कारावास और 50-50 हजार के अर्थ दंड से किया दंडित
अजमेर के गेगल थाना अंतर्गत पति-पत्नी का अपहरण कर उनके साथ मारपीट करने ओर पति नाक काट कर वीडियो वायरल करने जैसे जघन्य अपराध पर आरोपियों को सजा का ऐलान करते हुए जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय नंबर 2 के न्यायाधीश मनमोहन चंदेल ने 8 दोषियों को तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाते हुए स्पष्ट कहा कि ऐसे अमानवीय अपराधों में किसी भी तरह की दया की गुंजाइश नहीं है, जिससे कानून का कड़ा संदेश गया है। न्यायालय ने कहा कि दया नहीं, दंड आवश्यक है अजमेर की सिविल न्यायालय ने आरोपियों को 3-3 साल की कैद के साथ 50-50 हजार कुल 4 लाख का जुर्माना भी लगाया है। प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से 29 गवाह और 97 दस्तावेज अदालत के समक्ष पेश किए गए।
लोक अभियोजक हनी टांक ने बताया कि 20 मार्च 2023 को पीड़ित हमीद द्वारा मुकदमा दर्ज करवाया गया था। पीड़ित ने बताया कि उसे और उसकी पत्नी रजिया के साथ इकबाल खान, जावेद व अन्य आरोपियों ने मिलकर उनका अपहरण किया और नागौर ले गए, जहां उसे उसकी पत्नी को अगल कर दिया गया।
बाद आरोपियों ने गांव में ले जाकर उसके साथ जमकर मारपीट की और तालाब के पास ले जाकर जावेद, इकबाल और बीरबल ने मिलकर दांतली से उसकी नाक काट दी। इतना ही नहीं आरोपियों ने नाक काटने का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।
गेगल थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया।
हनी टांक ने बताया कि कोर्ट में ट्रायल चल रही थी। पुलिस की ओर से कटी हुई नाक और दांतली सहित अन्य सबूत अदालत में पेश किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से 29 गवाह और 97 से दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। इसके बाद अदालत ने सभी 8 आरोपियों को दोष सिद्ध साबित करते हुए सोमवार को तीन-तीन साल की सजा और 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया है। इसके साथ ही पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत पीड़ित को साढ़े 3 लाख रुपए सहायता राशि देने के भी आदेश दिए हैं। सरकारी वकील ने बताया कि कोर्ट ने मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि इस मामले में दया का भाव नहीं रखा जा सकता। इसमें दंड दिया जाना आवश्यक है। कोर्ट ने कहा कि दया नहीं, दंड आवश्यक है ताकि समाज में एक संदेश जाए।
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