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April 21, 2026
संसद में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद देश भर में राजनीति चरम पर,
कांग्रेस प्रदेश और जिला स्तर पर पत्रकार वार्ता के माध्यम से भाजपा को कर रही है बेनकाब तो वहीं भाजपा भी कांग्रेस को बता रही है महिला विरोधी
संसद में महिला आरक्षण विधेयक के गिर जाने के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश में 28 मिनट के संबोधन में 56 बार कांग्रेस पर निशाना साधा, जिसके बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।
जहां भाजपा नेतृत्व देश भर में इसे कांग्रेस और विपक्षी दलों को महिला विरोधी बताकर प्रचार में लगा है तो वही अब कांग्रेस भी अपना बचाव करने के लिए प्रदेश और जिला स्तर पर प्रेस वार्ता आयोजित करते हुए भाजपा पर निशाना साध रही है।
मंगलवार को अखिल भारतीय कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ पूजा त्रिपाठी ने अजमेर में पत्रकार वार्ता के दौरान पलटवार करते हुए कहा कि महिला आरक्षण को लेकर भाजपा द्वारा सिर्फ प्रोपेगेंडा किया जा रहा है और यह महज वोट बैंक की राजनीति है। लोकसभा में पास नहीं हुए महिला आरक्षण बिल को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर जुबानी हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संदेश में 28 मिनट में 56 बार कांग्रेस को ही कोसा। बीजेपी की शुरू से महिला आरक्षण लाने की मंशा नहीं थी। उन्होंने परिसीमन की बंदूक महिलाओं के कंधे पर रखकर चलाने की कोशिश की है।
डॉ पूजा त्रिपाठी का शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ राजकुमार जयपाल,द्रोपदी कोली, प्रियदर्शी भटनागर,सहित अन्य पदाधिकारियों द्वारा स्वागत किया गया। मीडिया से बातचीत करते हुए त्रिपाठी ने कहा कि बीजेपी का प्रोपेगेंडा महिला आरक्षण को लेकर चल रहा है। इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राष्ट्र के नाम संदेश दिया। यह एक बेहूदा और राजनीतिक संदेश था। सरकार 3 साल पहले यह आरक्षण लाई थी। इस सरकार को तमाशा बनाने की आदत है। बाजे-गाजे के साथ प्रोग्राम चलाया जाता है। बीजेपी ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बुलडोजर बना दिया है। विपक्ष से चर्चा तक नहीं की जाती है।
उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी महिला है। उनके कंधे पर रखकर परिसीमन की बंदूक चलाने की कोशिश की गई। महिला इनकार करती है हर उस प्रक्रिया से जुड़ने के लिए जिसका महिलाओं से कोई लेना-देना नहीं। विपक्ष ने जब हराया तो थर्ड मेजोरिटी चाहिए होती है, लेकिन यह लोकतंत्र की जीत हुई तो महिलाओं की हार हुई है।
त्रिपाठी ने कहा कि राष्ट्र के नाम जब प्रधानमंत्री ने संदेश दिया तब लगा कि वह देश की महिलाओं से माफी मांगेंगे। लेकिन पूरे 28 मिनट के भाषण में 56 बार कांग्रेस को ही कोसा है।
यह प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता। राजनीति और इमरजेंसी पर होना चाहिए था राष्ट्र के नाम संदेश महिलाएं बेईमानी करने वाले लोगों को पकड़ लेती है। संसद में लीड कर रही महिलाओं ने बेईमानी करने वालों को पकड़ लिया है। सभी समझ गई कि इनका राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की कोई मंशा नहीं है। इनका जनाधार खिसक रहा है। इन्हें सिर्फ वोट बैंक पॉलिटिक्स करनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एलपीजी संकट और इंटरनेशनल संकट पर राष्ट्र के नाम संदेश देना चाहिए था। वह सिर्फ कांग्रेस को कोसने के लिए आए थे। राष्ट्र के नाम संदेश राजनीति और इमरजेंसी पर होना चाहिए था।
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