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April 8, 2026
भारतीय ज्ञान परम्परा और नवाचार का संगम: राज्यपाल द्वारा एमडीएसयू की विद्यार्थी-केंद्रित नई वेबसाइट का लोकार्पण”
जयपुर/अजमेर, 8 अप्रैल। राजस्थान के माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागडे ने बुधवार को जयपुर स्थित लोकभवन में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर द्वारा भारतीय ज्ञान परम्परा की आधुनिक दृष्टि के आलोक में विकसित की गई नई विद्यार्थी-केंद्रित वेबसाइट का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने बटन दबाकर वेबसाइट का शुभारंभ किया और इसे डिजिटल शिक्षा एवं प्रशासनिक सुगमता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
राज्यपाल महोदय ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों एवं अन्य हितधारकों के लिए प्रवेश, पाठ्यक्रम, परीक्षा, परिणाम एवं अन्य शैक्षिक प्रक्रियाओं को ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में इस प्रकार के नवाचार समय की आवश्यकता हैं और इनके माध्यम से देश ही नहीं, बल्कि विदेशों के विद्यार्थी भी भारतीय विश्वविद्यालयों की ओर आकर्षित होंगे। उन्होंने विश्वविद्यालय को शिक्षण, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में निरंतर अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने माननीय राज्यपाल महोदय को विश्वविद्यालय में विगत आठ माह में किए गए विविध नवाचारों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अब ‘जीरो कार्बन कैम्पस’ के रूप में विकसित हो चुका है तथा यहां भारतीय ज्ञान परम्परा, वैदिक वाङ्मय एवं सांस्कृतिक मूल्यों को आधुनिक परिप्रेक्ष्य में समाहित करते हुए शिक्षण एवं शोध को नई दिशा दी जा रही है।
प्रस्तुतीकरण में विश्वविद्यालय द्वारा किए गए प्रमुख नवाचारों में—
सांस्कृतिक एवं सकारात्मक परिसर निर्माण,
पर्यावरण संरक्षण एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग,
शैक्षणिक एवं पाठ्यक्रम सुधार,
प्रशासनिक पारदर्शिता एवं ई-गवर्नेंस,
उद्यमिता एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन,
सामाजिक उत्तरदायित्व एवं ग्राम सहभागिता,
विशेष एवं समावेशी शिक्षा के प्रयास
जैसे अनेक आयामों पर विस्तार से जानकारी दी गई।राज्यपाल महोदय ने विश्वविद्यालय द्वारा अल्प समय में किए गए इन नवाचारों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे राजस्थान के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए प्रेरणादायक मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहलें उच्च शिक्षा को अधिक प्रासंगिक, समावेशी एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप बनाती हैं।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वी, प्रमुख विशेषाधिकारी राजकुमार सागर, विश्वविद्यालय के कुल सचिव श्री कैलाश चंद शर्मा, एसीपी डॉ. विनोद जैन तथा कुलगुरु सचिवालय के डॉ. स्वतंत्र शर्मा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लोकभवन एवं विश्वविद्यालय प्रशासन एवं तकनीकी टीम की सक्रिय भागीदारी उल्लेखनीय रही।
नई वेबसाइट के माध्यम से विश्वविद्यालय की समस्त सेवाओं को अधिक सुगम, पारदर्शी एवं उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया गया है, जिससे विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शोधार्थियों को एक ही मंच पर सभी आवश्यक जानकारी सहज रूप से उपलब्ध हो सकेगी।
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