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March 19, 2026
अनिल वनवानी / उदयपुर | राजस्थान के मेवाड़ और वागड़ क्षेत्र में रेलवे कनेक्टिविटी को लेकर बड़ा बदलाव आने वाला है। लोकसभा में चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी के सवाल के जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ सहित कई जिलों के लिए नई रेल परियोजनाओं की जानकारी दी।
रेल मंत्री ने बताया कि उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए कई नई रेल लाइनों और दोहरीकरण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसमें नीमच-सिंगोली-बेंगू-रावतभाटा-कोटा के बीच 201 किमी लंबी नई रेल लाइन प्रमुख है। इसके अलावा मंदसौर-प्रतापगढ़-घाटोल-बांसवाड़ा और नीमच-बांसवाड़ा-दाहोद जैसी लाइनों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे राजस्थान की कनेक्टिविटी मध्य प्रदेश और गुजरात से और मजबूत होगी।
सरकार ने नीमच-कोटा और मंदसौर-बांसवाड़ा रेल लाइन के सर्वे को भी मंजूरी दी है, जबकि नीमच-बड़ीसादड़ी और मावली-देवगढ़ परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इन परियोजनाओं से उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सदन में दी गई जानकारी के अनुसार नीमच-बड़ीसादड़ी लाइन के लिए 495 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं और कई पुलों व अंडरब्रिज का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं मावली-देवगढ़ गेज परिवर्तन और अजमेर-चंदेरिया दोहरीकरण परियोजनाओं पर भी तेजी से काम जारी है। उदयपुर के विकास को नई गति देने के लिए उमरा-उदयपुर-देबारी दोहरीकरण परियोजना को “विशेष रेल परियोजना” घोषित किया गया है, जिसकी लागत 492 करोड़ रुपए है और इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रेल मंत्री ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में राजस्थान में 5,666 किमी लंबाई के 59 सर्वे को मंजूरी दी गई है, जिससे भविष्य में रेल नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा।
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