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March 7, 2026
अनिल वनवानी/उदयपुर | नगर निगम ने शहर के अलग-अलग व्यापारिक इलाकों में 11 बड़ी कमर्शियल संपत्तियों को सीज कर दिया। निगम की दो टीमों ने एक साथ दबिश देकर यह कार्रवाई की, जिससे व्यापारियों और करदाताओं में हड़कंप मच गया। इन सभी संपत्तियों पर लंबे समय से करीब 65 से 70 लाख रुपए का यूडी टैक्स बकाया था।
नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना के निर्देश पर इस पूरी कार्रवाई की योजना बनाई गई थी और इसे बेहद गोपनीय रखा गया था ताकि दुकानदारों को पहले से जानकारी न मिल सके। इसी कारण निगम की टीमें सुबह करीब 7 बजे ही दुकानों के खुलने से पहले मौके पर पहुंच गईं और सभी संपत्तियों के मुख्य द्वारों को सीज कर उनके बाहर सरकारी नोटिस चस्पा कर दिए। अब ये दुकानें तब तक बंद रहेंगी जब तक बकाया टैक्स जमा नहीं किया जाता या अगला आदेश जारी नहीं होता।
कार्रवाई का सबसे ज्यादा असर शहर के व्यस्त बापू बाजार में देखने को मिला, जहां एक साथ पांच दुकानों पर निगम ने ताला लगा दिया। इसके अलावा नेहरू बाजार में बैग्ल्स कंपनी के बड़े शोरूम को भी सीज किया गया। अश्विनी बाजार, सेक्टर-3, बीएसएनएल रोड और सेक्टर-9 में भी एक-एक दुकान को सीज किया गया, जबकि सेक्टर-11 में भीमसिंह चुंडावत के जीकेबी सुपर मार्केट पर भी निगम ने सख्त कार्रवाई की।
इस कार्रवाई को दो अलग-अलग टीमों ने अंजाम दिया। पहली टीम का नेतृत्व रेवेन्यू इंस्पेक्टर विजय जैन कर रहे थे, जिन्होंने होमगार्ड के जवानों के साथ बापू बाजार और अश्विनी बाजार सहित सात संपत्तियों पर कार्रवाई की। वहीं दूसरी टीम में रेवेन्यू इंस्पेक्टर मोहित और निगम के उड़न दस्ते के जवान शामिल थे, जिन्होंने हिरण मगरी और आसपास के क्षेत्रों में टैक्स डिफॉल्टर्स के खिलाफ अभियान चलाया।
नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने कहा कि शहर के विकास के लिए यूडी टैक्स का समय पर जमा होना जरूरी है। निगम ने बकाया रखने वाले सभी संपत्ति मालिकों को कई बार नोटिस और रिमाइंडर दिए थे, लेकिन टैक्स जमा नहीं करने पर नियमों के तहत यह सख्त कदम उठाना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग जल्द टैक्स जमा नहीं करेंगे, उनकी संपत्तियों पर भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
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