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March 2, 2026
उदयपुर | CM भजनलाल शर्मा से उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने जयपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पर शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात औपचारिक जरूर थी, लेकिन चर्चा के मुद्दे बेहद अहम रहे—खासतौर पर राज्य जनजाति आयोग के गठन की मांग और अनुसूचित क्षेत्र (TSP) के सेवा नियमों में बदलाव को लेकर।
सांसद रावत ने आदिवासी समाज के हितों की रक्षा और उनकी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रदेश में जल्द से जल्द राज्य जनजाति आयोग गठित करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि जनजाति अंचल की समस्याओं के समाधान के लिए एक समर्पित संवैधानिक व्यवस्था जरूरी है। सांसद ने राजस्थान बजट 2026-27 में उदयपुर संभाग और अनुसूचित क्षेत्रों के लिए किए गए प्रावधानों को ऐतिहासिक बताते हुए सरकार के विजन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ये निर्णय क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। बैठक में पेसा (PESA) कानून, वनाधिकार कानून और ‘धरती आबा जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। सांसद ने जयसमंद के लिए तैयार हो रहे ‘मास्टर पर्यटन प्लान’ की सराहना करते हुए कहा कि इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
अनुसूचित क्षेत्र (TSP) के सेवा नियमों और युवाओं की आकांक्षाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। सांसद ने कहा कि क्षेत्र के युवा सरकार से काफी उम्मीदें लगाए हुए हैं, इसलिए उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप नए फैसले लेना समय की मांग है। सांसद ने DMFT फंड के प्रभावी क्रियान्वयन और जनता को सीधा लाभ दिलाने पर जोर दिया। साथ ही ‘संसदीय संकुल परियोजना’ की राज्य स्तरीय बैठक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कराने का आग्रह किया, जिसे सीएम ने स्वीकार कर लिया। बैठक में मेवाड़ और वागड़ अंचल में होने वाले पंचायती राज चुनावों को लेकर भी चर्चा हुई। राजनीतिक समीकरणों और संगठनात्मक मजबूती पर भी दोनों नेताओं के बीच गहन मंथन हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भरोसा दिलाया कि जनजाति क्षेत्रों के विकास और युवाओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा।
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