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March 1, 2026
जनसेवा ही जनप्रतिनिधि का परम धर्म – जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत
सर्किट हाउस, अजमेर में जनसुनवाई के दौरान नागरिकों की समस्याओं का तत्परता से किया निस्तारण
"जनता हमारे लोकतंत्र की वास्तविक मालिक है और जनसेवा जनप्रतिनिधियों का सर्वोच्च कर्तव्य" — इस भावना को चरितार्थ करते हुए जल संसाधन मंत्री एवं पुष्कर विधायक श्री सुरेश सिंह रावत ने आज सर्किट हाउस, अजमेर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान नागरिकों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना।
जनसुनवाई के दौरान मंत्री श्री रावत के समक्ष ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक के नागरिकों ने विभिन्न विषयों — जैसे सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, राजस्व एवं सामाजिक योजनाओं — से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। श्री रावत ने प्रत्येक आवेदन का गंभीरतापूर्वक संज्ञान लिया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित व प्रभावी समाधान के स्पष्ट निर्देश दिए।
मंत्री श्री रावत ने इस अवसर पर कहा कि — “हमारा उद्देश्य केवल प्रशासनिक निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और प्रसन्नता का संचार हो, यही हमारी सेवा का वास्तविक प्रतिफल है। जनसुनवाई जनता और जनप्रतिनिधि के बीच संवाद का सशक्त माध्यम है, जिसके जरिए हम समाज की नब्ज़ समझ पाते हैं।”
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी समस्या के समाधान में अनावश्यक विलंब न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक विभाग को जनभावनाओं के अनुरूप संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
जनसुनवाई के दौरान नागरिकों ने मंत्री श्री रावत के प्रति अपने विश्वास एवं आभार की अभिव्यक्ति करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में क्षेत्र में विकास कार्यों की गति तेज हुई है और आमजन की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से हो रहा है।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
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