Post Views 01
February 16, 2026
अजमेर में मगरा बोर्ड की पूर्व अध्यक्ष के परिवार में प्रॉपर्टी विवाद, विवाद में वकील की गई जान
अजमेर में सोमवार सुबह प्रॉपर्टी विवाद में एक पेरेलाईज़ वकील की जान चली गई।वकील के छोटे भाई जो खुद भी वकील है का कहना है कि मकान के सामने बिल्डिंग मैटेरियल डालने को लेकर भाईयों ओर उनके परिवार के लोगों के बीच मारपीट हो गई इस दौरान उसके बड़े भाई को धक्का दिया जिससे वह सिर के बल गिर गया सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई।
आदर्श नगर थाना अंतर्गत सोमवार सुबह 7 बजे विवाद हुआ। 43 वर्षीय मृतक बलवीर सिंह रावत के छोटे भाई पुष्पेंद्र सिंह रावत ने अपने सबसे बड़े भाई भगवान सिंह रावत, भाभी और उनके बेटों पर हत्या का आरोप लगाते हुए आदर्श नगर थाने में मुकदमा दर्ज करा कर कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी छोटू लाल ने बताया कि परिवार की आपसी लड़ाई में धक्का-मुक्की के दौरान एक युवक की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। मामले में जो शिकायत परिवार की द्वारा दी गई है उस पर मुकदमा दर्ज कर नियम अनुसार कार्रवाई की जा रही है। बलवीर का शव जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है जहां पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।वहीं घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
मृतक के छोटे भाई एडवोकेट पुष्पेंद्र सिंह रावत ने बताया कि मैं परिवार सहित परबतपुरा बाईपास विकास नगर में रहता हूं। आज सुबह करीब 7 बजे मेरे भाई बलवीर सिंह के हिस्से में बने मकान में गेट लगवाना था। ट्रैक्टर ट्रॉली में निर्माण सामग्री आई थी तभी सबसे बड़ा भाई भगवान सिंह रावत, उसकी पत्नी लाली देवी और उनके बेटों ने मेरे व पत्नी सुनीता के साथ गाली-गलौज कर मारपीट शुरू कर दी। इस बीच मेरा दूसरा बड़ा भाई बलवीर सिंह बीच-बचाव करने के लिए आया तो आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से बलवीर को धक्का दे दिया। बलवीर सिंह सिर के बल गिर गया इसके बावजूद भी आरोपी नहीं माने और उसके साथ मारपीट करते रहे। बलवीर के सिर में गंभीर चोट आई। उसे तुरंत गाड़ी से जेएलएन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि 19 मई 2024 को पिता की मृत्यु हो गई थी। उनके पिता मगरा विकास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष राज्य मंत्री मदन सिंह रावत थे।
परिवार में कुल चार भाई और एक बहन है। सबसे बड़ा भाई भगवान सिंह, दूसरे नंबर पर कमल सिंह, तीसरा एडवोकेट बलवीर सिंह और सबसे छोटा मैं हूं। पिता ने मौत से पहले सबके नाम वसीयत कर दी थी लेकिन भगवान सिंह प्रॉपर्टी को लेकर संतुष्ट नहीं था। पुष्पेंद्र ने बताया कि बलवीर मेरे साथ ही रह रहा था। वह 2017 से पैरालाइज्ड था। पिता की मौत के बाद से ही बलवीर की प्रॉपर्टी को लेकर यह विवाद चल रहा था।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved