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October 11, 2024
स्वच्छ नीर दिवस मनाया
1 अक्टूबर 2024 से 15 अक्टूबर 2024 तक स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इस स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत आज स्वच्छ नीर (स्वच्छ जल दिवस) का आयोजन किया गया।
इसके अंतर्गत रेलवे स्टेशनों -अजमेर, उदयपुर सिटी, आबू रोड, भीलवाड़ा, फालना, मारवाड़, ब्यावर, मावली जंक्शन, राणाप्रताप नगर, मदार सहित अन्य स्टेशनों व रेलवे अस्पताल अजमेर तथा उदयपुर व रेलवे कॉलोनियां, डीजल शेड आबूरोड, कोचिंग डिपो/मदार तथा उदयपुर, सहित अन्य कॉलोनियों, कार्यालयों, स्कूलों तथा फिल्टर प्लांटों में सभी जल उपचार संयंत्रों का निरीक्षण किया गया, तथा पानी के फिल्ट्रेशन गुणवत्ता के लिए चिकित्सा दल द्वारा पानी के नमूने लिए गए।"जल बचाओ, जीवन बचाओ तथा पृथ्वी बचाओ" का संदेश रेलवे कॉलोनियों तथा स्टेशनों सहित रेलवे परिसरों में फैलाया गया।
स्टेशनों, कार्यालयों तथा कॉलोनियों में जल रिसाव बिंदुओं की मरम्मत की गई। रिसाव तथा सफाई के लिए जल भंडारण टैंकों की जांच की गई। साथ ही यह सुनिश्चित किया गया कि यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो तथा प्रतीक्षालय, विश्रामगृह, प्लेटफार्म, रेलगाड़ी आदि यात्री सेवा स्थानों पर पानी की कमी न हो। वाटर वेंडिंग मशीनों, वाटर कूलरों की सफाई के लिए निरीक्षण किया गया तथा पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए नमूने लिए गए। वर्षा जल संचयन संयंत्र तथा पुनर्चक्रण संयंत्र लगाने के प्रयासों को मजबूत किया गया। यह भी सुनिश्चित किया गया कि रेलवे परिसर में कहीं भी जल जमाव की समस्या न हो।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री बीसीएस चौधरी के अनुसार सभी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपने-अपने कर्तव्यों का उचित प्रकार से निर्वहन किया जिसके अंतर्गत मंडल के वाणिज्य विभाग द्वारा उचित ब्रांड के पानी की बिक्री, जीएस कोचों के सामने पानी की उपलब्धता, आरओ वाटर वेंडिंग स्टॉल की मासिक जल परीक्षण रिपोर्ट की जांच की गई और इन स्टॉलों से पानी के रिसाव की मरम्मत करवाई गई तथा आरओ के अपशिष्ट जल को 200 लीटर के छोटे पानी के टैंक में संग्रहीत करके पुन: उपयोग करना सुनिश्चित किया गया। इंजीनियरिंग विभाग द्वारा पेयजल आपूर्ति के लिए स्थापित क्लोरीनीकरण और फिल्ट्रेशन प्लांट की कार्यप्रणाली की जांच करवाई गई, पाइप लाइनों से पानी के रिसाव की जांच और मरम्मत करवाई गई, स्टेशनों पर खराब नलों की जांच की गई और आवश्यकता होने पर उन्हें बदला गया, साथ ही पानी के मीटर और पानी की खपत की रीडिंग की जांच की गई, साथ ही वर्षा जल संचयन और एसटीपी और डब्ल्यूआरपी की कार्यप्रणाली और पानी के पुन: उपयोग की जांच की गई। यांत्रिक विभाग द्वारा पानी की पाइप लाइनों और हाइड्रेंट की जांच की गई।चिकित्सा विभाग द्वारा बोरवेल, फिल्टरेशन प्लांट का निरीक्षण किया गया और स्टेशनों, रनिंग रूम, कॉलोनियों, अस्पतालों, मंडल कार्यालय और अन्य रेल कार्यालयों से पानी के नमूने जांच हेतु लिए गए। विद्युत विभाग द्वारा सभी स्थानों पर स्थापित एयर कंडीशनर में उचित वाटर ड्रेनेज पाइप की उपलब्धता को जांचा गया और पानी संग्रह के लिए उचित बाल्टी रखी गई, वाटर कूलर के संचालन और वाटर कूलर भंडारण टैंकों की सफाई और उचित आकार की ट्रे और जलनिकासी पाइप के साथ नलों के रिसाव की जाँच सुनिश्चित की गई। मैकेनिकल व सामान्य विभाग द्वारा आरओ वेंडिंग मशीनों और एसी की सफाई में अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग और पानी की बर्बादी से बचने के लिए सफाई के लिए हाई प्रेशर का उपयोग सुनिश्चित किया गया।
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