For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 101931200
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने परिपक्व हुई राज्य बीमा पॉलिसी का किया पेमेंट इनिशिएट |  Ajmer Breaking News: ब्यावर में गैस रिसाव की दुखान्तिका, मंत्री श्री अविनाश गहलोत ने घायलों की जानी कुशलक्षेम |  Ajmer Breaking News: गया कुंड में श्रद्धालुओं का जनसैलाब,चतुर्थी मंगलवार पर भक्तों ने लगाई डुबकी, यहीं भगवान राम ने किया था पिता का श्राद्ध |  Ajmer Breaking News: केसरगंज लाल कोठी स्थित बंसी राम करतारचंद के किराना गोदाम में लगी भीषण आग, |  Ajmer Breaking News: सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में सुरक्षा पर उठे सवाल, यूपी के रहने वाला युवक तलवार लेकर पहुंचा, |  Ajmer Breaking News: दौराई -टनकपुर-दौराई नई रेल सेवा का शुभारंभ, आमजन ने जताई खुशी |  Ajmer Breaking News: चांद दिखने के ऐलान के बाद देश सहित अजमेर में मनाया गया ईद उल फितर का पर्व, मुस्लिम समाज के लोगों ने अदा की ईद की नमाज, |  Ajmer Breaking News: सी बी एस सी के जनाब आसिफ़ अली साहब ने लोहा खान मैं हिंदू मुस्लिम सभी भाइयों ने रोज़ा इफ़्तार का एहतेमाम किया  |  Ajmer Breaking News: सूर्य की पहली किरण पर ध्वज पता का लहराइ अजयमेरु स्थापना दिवस नव वर्ष  विक्रम संवत 2082 एवं  राजस्थान स्थापना दिवस के अवसर पर |  Ajmer Breaking News: श्री अग्रोहा बंधु पश्चिम क्षेत्र संस्था का होली स्नेह मिलन एवं वरिष्ठजन सम्मान समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न | 
madhukarkhin

#मधुकर कहिन: भगवान नृसिंह का प्राकट्य उत्सव नृसिंह चतुर्दशी गुरुवार को तीर्थ नगरी पुष्कर मैं बड़े धूम धाम से मनाया गया।

Post Views 951

May 5, 2023

शाम ढलने के साथ ही स्वर्ण जड़ित भगवान नृसिंह के मुखौटे पहने युवकों द्वारा खम्ब फाड़ कर नृसिंह के प्रकट होने की लीला खेली गई।

भगवान नृसिंह का प्राकट्य उत्सव नृसिंह चतुर्दशी गुरुवार को तीर्थ नगरी पुष्कर मैं बड़े धूम धाम से मनाया गया।
पुष्कर स्थित पुराने रंगजी मन्दिर में विभिन्न देवी देवताओं के मुखौटे लगाकर लीला का मंचन किया गया। शाम ढलने के साथ ही स्वर्ण जड़ित भगवान नृसिंह के मुखौटे पहने युवकों द्वारा खम्ब फाड़ कर नृसिंह के प्रकट होने की लीला खेली गई। भक्त प्रहलाद को नृसिंह की गोद में बैठाकर आरती की गई। गौरतलब है कि यह परम्परा सो वर्षो से अधिक समय से चली आ रही है ।


© Copyright Horizonhind 2025. All rights reserved