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July 27, 2022
सीआरपीएफ केंद्रीय विद्यालय 1 के अंदर आने वाले विद्यार्थियों को लाने वाली वैन और ऑटो व बसों के जमघट से परेशान कालू की ढाणी क्षेत्र के बाशिंदों द्वारा 22 जुलाई को विद्यालय के गेट पर तालाबंदी कर दी गई थी इसके बाद सीआरपीएफ गेट नंबर 3 पर जोरदार धरना प्रदर्शन भी किया गया था इस मामले में सीआरपीएफ केंद्रीय विद्यालय प्रबंधन स्थाई हल ढूंढने में जुटा है इसी को लेकर बुधवार को सीआरपीएफ डीआईजी अजय मिश्रा और अलवर गेट थाना अधिकारी श्याम सिंह चारण के साथ पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा और कालू की ढाणी में रहने वाले स्थानीय लोगों से बातचीत कर समझाएं कि उन्होंने बताया कि आज जो व्यवस्था की गई है उससे काफी हद तक जाम और दुर्घटना होने की संभावना कम हो गई है 1 सप्ताह तक इस प्रक्रिया को अपना कर देखेंगे यदि फिर भी कोई दिक्कत रही तो आगे और विकल्प ढूंढ जाएंगे। वहीं पूर्व पार्षद जेके शर्मा व रणजीत सिंह ने बताया कि इस समस्या का स्थाई समाधान वैकल्पिक मार्ग के अलावा कुछ नहीं है जो आज सीआरपीएफ डीआईजी ने व्यवस्था की है वह स्थाई नहीं हो सकती। 4 दिन के बाद स्कूल में आने वाले ऑटो वैन और बसों के द्वारा फिर से वही अव्यवस्था हो जाएगी फिर भी वह इस व्यवस्था में हम सभी सहयोग देकर देखते हैं कि क्या होता है। गौरतलब है कि कालू की ढाणी क्षेत्र के लोगों द्वारा उनकी बस्ती से दिन भर 15 फीट की सड़क पर सो डेढ़ सौ ऑटो, वैन, और बसों का जमघट लगने से क्षेत्र के बच्चे चोटिल हो चुके हैं तो वहीं दुपहिया वाहन चालकों के साथ वाहन चालकों की नोकझोंक होती रहती है। इन वाहनों की वजह से क्षेत्रवासियों और महिलाओं को निकलने में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। जिसका स्थाई समाधान ढूंढने के लिए ही केंद्रीय विद्यालय की गेट पर ताला लगाया गया था।
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