For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 137913699
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: आरएमसीटीए, अजमेर शाखा ने चिकित्सकों की सुरक्षा हेतु सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा |  Ajmer Breaking News: जल संरक्षण, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ावा देने के उद्देश्य से भाजपा दाहिरसेन मंडल,एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान साफ-सफाई का आयोजन |  Ajmer Breaking News: विश्व साइकिल दिवस 2026 पर साइकिल रैली का आयोजन, युवाओं ने लिया सड़क सुरक्षा का संकल्प |  Ajmer Breaking News: वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026, जिले में हुई 16 हजार से अधिक गतिविधियां |  Ajmer Breaking News: महिला आई टी आई की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक किया औद्योगिक भ्रमण |  Ajmer Breaking News: जिला स्तरीय एनसीओआरडी समिति की बैठक आयोजित, नशे के विरुद्ध समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई के दिए निर्देश |  Ajmer Breaking News: अवैध देशी पिस्टल व दो जिंदा कारतूस के साथ आरोपी गिरफ्तार, 5 दिन के रिमांड पर |  Ajmer Breaking News: अजमेर: वैष्णो देवी दर्शन पर गए परिवार के सूने मकान में चोरी, लाखों के जेवर और नकदी पार |  Ajmer Breaking News: Cotpa act की धारा 7  के अंतर्गत की गई जपती की कार्रवाई                 |  Ajmer Breaking News: अजमेर में अवैध हथियारों के खिलाफ जिला स्पेशल पुलिस टीम की बड़ी कार्रवाई, | 

उदयपुर न्यूज़: प्रताप-अकबर युद्ध पर डोटासरा के बयान पर कटारिया का पलटवार

Post Views 11

February 18, 2022

बोले- महाराणा प्रताप को राज की इच्छा होती तो जयपुर वाले मानसिंह की लाइन में चले जाते

राजस्थान के पूर्व शिक्षामंत्री और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के महाराणा प्रताप को लेकर दिए बयान पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने पलटवार किया है। डोटासरा ने बीजेपी पर महाराणा प्रताप और अकबर के बीच हुई लड़ाई को धार्मिक नजरिए से देखने का आरोप लगाया था। डोटासरा के बयान पर कटारिया ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रताप का युद्ध सत्ता की लड़ाई नहीं, ब्लकि स्वाभिमान की लड़ाई थी। राज की अगर इच्छा होती तो जयपुर वाले मानसिंह की लाइन में प्रताप चले जाते। मगर प्रताप नहीं गए। उन्होंने कहा मेवाड़ नहीं झुके इस बात के लिए उन्होंने इतनी बड़ी सल्तनत से भी मुकाबला किया। बड़े-बड़े कई लोग झुक गए, लेकिन मेवाड़ राजघराना और प्रताप ने उनकी अधीनता को स्वीकार नहीं करके कष्टों को भुगतना स्वीकार किया मगर संघर्ष के आधार पर अपनी लड़ाई जारी रखी। कटारिया ने कहा कि दुर्भाग्य ये है कि इन लोगों को प्रताप दिखते ही अकबर दिख जाता है। इसलिए इन लोगों ने इतने साल तक यही खेती कमाकर राज किया है। बाकी भारत में आप किसी को भी पूछोगे तो प्रताप और अकबर के बीच अगर तुलना हो तो प्रताप का जीवन राष्ट्र के लिए, स्वाभिमान और मूल्यों की लड़ाई के लिए रहा। राज की अगर इच्छा होती तो जयपुर वाले मानसिंह की लाइन में प्रताप चले जाते। मगर प्रताप नहीं गए। कांग्रेस का चश्मा है कि इन्होंने हमेशा मुस्लिम तुष्टीकरण का ही इन्होंने पालन किया है। इसलिए ये अपनी पार्टी का अस्तित्व खो रहे हैं और खुद का भी अस्तित्व खो देंगे। कांग्रेस की जो दुर्गति आज हुई है उसका बड़ा कारण ये ही है।कटारिया ने कहा कि मैं डोटासरा से केवल इतना ही जानना चाहता हूं कि कहां की सत्ता प्राप्त करने के लिए प्रताप ने युद्ध किया। मेवाड़ ने कभी पराधीनता स्वीकार नहीं की। आपका बेड़ा गर्क इसलिए हुआ। आपने हमारे बच्चों को पढ़ाया अकबर महान, प्रताप महान कहने में तकलीफ होती है। तुम्हारे इस तुष्टीकरण के कारण तुम्हारी अच्छी पार्टी एक कोने में घुस गई है। बाकि भी समाप्त करना चाहते हो तो ऐसे ही कमेंट करते जाओ।दरअसल, डोटासरा ने गुरुवार को नागौर में बयान दिया था कि भाजपा ने अपने राज के दौरान विद्या भारती की तर्ज पर पाठ्यक्रम बनवाए। उन्होंने महाराणा प्रताप और अकबर के बीच हुई लड़ाई को धार्मिक लड़ाई बताकर पाठ्यक्रम में शामिल करवा रखा था। जबकि ये सत्ता का संघर्ष था। बीजेपी हर चीज को हिन्दू-मुस्लिम के धार्मिक चश्मे से देखती है।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved