For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 128627861
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: गर्मी की गहरी जुताई के फायदे अनेक, कृषि अनुसंधान अधिकारी शस्य राम करण जाट ने बताया कि गर्मी की जुताई से सूर्य की तेज किरणें भूमि के अन्दर प्रवेश कर जाती है। |  Ajmer Breaking News: अभिभावकों से मिलें, उच्च गुणवत्ता की शिक्षा दें, अपने स्कूल का नाम रोशन करें शिक्षक- देवनानी |  Ajmer Breaking News: कुख्यात डकैत धनसिंह व अन्य दो को जानलेवा हमला करने, SC ST की धाराओं से किया बरी  |  Ajmer Breaking News: गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत अजमेर में निकाली गई भव्य रैली, रैली के माध्यम से भारत में गौ हत्या बंद हो, गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग, |  Ajmer Breaking News: नरसिंह जयंती के उपलक्ष में 30 अप्रैल 2026, गुरुवार को नया बाजार स्तिथ नरसिंह जी के नोहरे में लाल्या काल्या का मेला भरा जायेगा। |  Ajmer Breaking News: वार्ड 41 जॉन्स गंज गढ़ी मालियान में लंबे समय से राजनीति ओर प्रशासन की अनदेखी एवं उदासीनता के कारण सीवरेज और जर्जर सड़कों की समस्या |  Ajmer Breaking News: अजमेर जिले के गेगल थाना क्षेत्र के मुहामी गांव में बाल विवाह का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। |  Ajmer Breaking News: राजस्थान शिक्षक संघ लोकतांत्रिक जिला शाखा अजमेर के नेतृत्व में आज शिक्षकों ने अपने विभिन्न मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सोपा। |  Ajmer Breaking News: नगर निगम के अतिक्रमण रोधी दस्ते ने शहर में अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई को दिया अंजाम कई दुकानों से सामान किया जप्त तो कइयों से की समझाइश |  Ajmer Breaking News: जिला प्रशासन द्वारा प्रतिभावान विद्यार्थियों का किया गया सम्मान,विद्यार्थियों को करियर के संबंध में मिला मार्गदर्शन | 

अंदाजे बयां: पत्थर से जब सर बचता है

Post Views 161

March 31, 2021

थोड़ा और सफ़र बचता है

पत्थर से जब सर बचता है,

थोड़ा और सफ़र बचता है।



मरने लगूँ तो हँसता है हर ग़म,

जीने लगूँ तो डर बचता है।



कैसे बताऊँ हर बारिश में,

मैं बचता हूँ, घर बचता है।



ख़ंजर से बचती हैं नज़रें,

नज़र से कब खंज़र बचता है।



सब तक़सीम तो कर देता हूँ,

क्या मेरे अंदर बचता है।



जुड़ जाता हूँ टूट के फिर से,

मुझमें यही हुनर बचता है।



तुझे घटा दूँ गर ख़ुद में से मैं,

मेरे पास सिफ़र बचता है।



सुरेन्द्र चतुर्वेदी


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved