For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 90837266
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: कचहरी रोड पर अजमेर टावर के सामने स्थित अजमेर नंबर प्लेट की शॉप में लगी विकराल आग |  Ajmer Breaking News: महान सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 811 वें उर्स में लाखों जायरीनों ने अदा की जुम्मे की नमाज़  |  Ajmer Breaking News: कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से भेजी चादर ख्वाजा के दर पेश |  Ajmer Breaking News: श्रीमद् जिनेंद्र पंच कल्याणक प्रतिष्ठान प्राण महोत्सव का हुआ समापन, महोत्सव की छठे दिन केवलज्ञान कल्याण व मोक्ष कल्याणक महोत्सव का आयोजन |  Ajmer Breaking News: केबिनेट मंत्री लालचंद कटारिया ने आचार्य वर्धमान सागर महाराज से लिया आशीर्वाद, श्रीमद् जिनेंद्र पंचकल्याण प्रतिष्ठा प्राण महोत्सव समापन पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री कटारिया |  Ajmer Breaking News: कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पहुंचे मार्बल सिटी,  जीवीके टोल प्लाजा व हरमाड़ा चौराहै पर कांग्रेसियों ने किया स्वागत |  Ajmer Breaking News: देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परीक्षा पर चर्चा के छठे संस्करण को विद्यार्थियों के बीच उत्तर विधानसभा के निजी कोचिंग संस्थान मे सुना गया |  Ajmer Breaking News: अजमेर के निवासियों को बडी सौगात देते हुए आज मदार-रेवाडी-मदार एक्सप्रेस का मदार स्टेशन से शुभारंभ किया गया |  Ajmer Breaking News: खीमपुरा एवं श्यामगढ ग्राम पंचायत के 200 सड़क सुरक्षा अग्रदूतों ने सड़क सुरक्षा अग्रदूत की ली शपथ |  Ajmer Breaking News: राजस्थान राज्य मेला प्राधिकरण उपाध्यक्ष रमेश बोराणा ने शुक्रवार को कायड़ विश्राम स्थली तथा उर्स मेला क्षेत्र का अवलोकन किया।  | 

अंदाजे बयां: पत्थर से जब सर बचता है

Post Views 411

March 31, 2021

थोड़ा और सफ़र बचता है

पत्थर से जब सर बचता है,

थोड़ा और सफ़र बचता है।



मरने लगूँ तो हँसता है हर ग़म,

जीने लगूँ तो डर बचता है।



कैसे बताऊँ हर बारिश में,

मैं बचता हूँ, घर बचता है।



ख़ंजर से बचती हैं नज़रें,

नज़र से कब खंज़र बचता है।



सब तक़सीम तो कर देता हूँ,

क्या मेरे अंदर बचता है।



जुड़ जाता हूँ टूट के फिर से,

मुझमें यही हुनर बचता है।



तुझे घटा दूँ गर ख़ुद में से मैं,

मेरे पास सिफ़र बचता है।



सुरेन्द्र चतुर्वेदी


© Copyright Horizonhind 2023. All rights reserved