For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 158400733
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: वार्ड नंबर 78 से निर्दलीय प्रत्याशी सिकंदर खान के चुनाव कार्यालय का शुक्रवार को शुभारंभ किया गया। |  Ajmer Breaking News: अजमेर में चुनावी सरगर्मियों के बीच कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी और प्रशासन पर आचार संहिता के खुले उल्लंघन का बड़ा आरोप लगाया है। |  Ajmer Breaking News: श्री झूलेलाल मंदिर में कृष्ण बनो प्रतियोगिता एवं राधा कृष्ण नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन। |  Ajmer Breaking News: अजमेर नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर सात से भाजपा प्रत्याशी विवेक सिंह रावत की दावेदारी और भी मजबूत हो गई है। |  Ajmer Breaking News:  नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, 12 घंटे में बालिका दस्तयाब |  Ajmer Breaking News: कांग्रेस के पक्ष में बागियों ने छोड़ा मैदान, कई प्रत्याशियों ने नामांकन वापस लेकर पार्टी प्रत्याशियों की राह की आसान |  Ajmer Breaking News: वार्ड 41 में कांग्रेस का बड़ा फैसला: ऋषभ सिंह का नामांकन खारिज, दिनेश शर्मा होंगे कांग्रेस के समर्थित प्रत्याशी |  Ajmer Breaking News: मोबाइल को हैकिंग और बॉटनेट मालवेयर से बचाने के लिए सावधानी जरूरी अजमेर पुलिस अधीक्षक ने ई इस्केन सीईआरटी-इन बोट रिमूवल एप इस्तेमाल करने की दी सलाह |  Ajmer Breaking News: राजस्थान महिला कल्याण मंडल ने मनाया 39 वां रजिस्ट्रेशन दिवस दिव्यांगो को आर्थिक सहायता देकर |  Ajmer Breaking News: अजमेर नगर निगम चुनाव 2026 में मैदान में डटे कैंडिडेट्स में बड़ी संख्या में कांग्रेस व भाजपा के बागी हैं। नाम वापसी के बाद ही वार्ड में प्रत्याशियों की तस्वीर साफ हो सकेगी। | 

क़लमकार: हाथ पैरों में दम नहीं, हम किसी से कम नहीं

Post Views 421

January 31, 2021

अजमेर ज़िले में भाजपा और काँग्रेस दोनों ही पार्टियों का बोर्ड निर्दलीय और बाग़ी करेंगे तय 

हाथ पैरों में दम नहीं, हम किसी से कम नहीं




अजमेर ज़िले में भाजपा और काँग्रेस दोनों ही पार्टियों का बोर्ड निर्दलीय और बाग़ी करेंगे तय 




केकड़ी, किशनगढ़ ,बिजयनगर और अजमेर में निर्दलीय दिखलाएंगे नख़रे, नख़रे उठाने को बनी टोलियाँ




सुरेन्द्र चतुर्वेदी





निकाय चुनावों में अजमेर ज़िले के सभी योद्धाओं की जीत हार का फ़ैसला आज हो जाएगा ।कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियां अजमेर में मेयर, नगर परिषद किशनगढ़ में सभापति, केकड़ी नगर पालिका में चेयरमैन और बिजयनगर में सभापति बनाने के लिए मुंह धोकर बैठी हुई हैं।






भाजपा ने बाड़े- बंदी के बाद अपने प्रत्याशियों को क़ब्ज़े में ले लिया है। कहने को तो सभी जगह भाजपा अपना परचम फहराने की बात कर रही है मगर मेरा दावा है कि कहीं भी भाजपा के लिए अपने बलबूते पर मेयर , सभापति या चेयरमैन बनाना संभव नहीं होगा। सभी जगह बागी और निर्दलीय उम्मीदवारों को साथ लिए बिना बोर्ड नहीं बनाया जा सकेगा।






भाजपा का ही नहीं कांग्रेस का मुकद्दर भी निर्दलीय और बाग़ी ही लिखेंगे ।भाजपा की नक़ल उतारते हुए अजमेर में कांग्रेस पार्टी ने बाड़े बंदी का नाटक किया ।पिछले दिनों पैदा हुई धड़े बाज़ी के चलते रलावता व भाटी गुट को पता चल गया कि उनकी राजनीतिक औक़ात अब कांग्रेस में कितनी बची है ? भाटी के राजमहल नानकी भवन में मात्र छह प्रत्याशी मौजूद रहे ।दूसरी ओर कांग्रेस में ताक़तवर बनकर उभर रहे डॉक्टर राजकुमार जयपाल के अभेद दुर्ग अजमेर क्लब में डॉक्टर बाहेती, विजय जैन और कमल बाकोलिया धड़े ने आत्मसमर्पण कर दिया। नतीजा यह हुआ कि जयपाल के क्लब में 67 प्रत्याशी पहुंचे । बोर्ड कांग्रेस का बने या ना बने मगर यह तो तय हो गया है कि डॉ बाहेती,विजय जैन या कमल बाकोलिया अपने दम पर कुछ नहीं कर सकते ।उन्हें जयपाल का दामन थामना ही पड़ेगा।






रलावता और हेमंत भाटी के कद को अब जयपाल ने घोषित रूप से नाप दिया है ।कांग्रेस के राजकुमार से राजा बॉस बने जयपाल ने कहा है कि यदि कांग्रेस के 30 पार्षद जीत कर आ गए तो वे अपना बोर्ड बना लेंगे। उनकी बात में अतिशयोक्ति लग रही है। कांग्रेस ज़ियादा से ज़ियादा 20 से 25 वार्डों में जीतने का माद्दा रखती है। उसमें भी भाटी व रलावता गुट के 4 उम्मीदवार शामिल होंगे। जयपाल जी !! आपको निर्दलीय और बाग़ी पार्षदों को बड़ी समझदारी से जोड़ना होगा।






कांग्रेस ने जिस तरह अपने असली कार्यकर्ताओं और हक़दारों के टिकट काटे उसे देखते हुए जीते हुए बागियों को मनाना इस बार इतना आसान नहीं होगा, जितना पहले होता रहा।





उधर भाजपा का भी कमोबेश यही हाल है। भाजपा के पास पैसों की कोई कमी नहीं ।सुविधाओं और साधनों की दृष्टि से अजमेर की भाजपा कांग्रेस पर भारी है। केकड़ी हो या बिजयनगर, किशनगढ़ हो या अजमेर सभी जगह भाजपा में धन पतियों की कोई कमी नहीं ।अब देखना यह होगा कि ये धनपति अपनी दौलत का उपयोग निर्दलीय और बागियों को पटाने में कितना और किस प्रकार कर पाते हैं।






केकड़ी में पूर्व सभापति अनिल मित्तल और राजेंद्र विनायका धनबल का प्रयोग करने के लिए तैयार बैठे हैं। उधर चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा खुद भले ही एक पैसा खर्च ना करें मगर उनके लिए कई ख़ज़ाने खुले हुए हैं। यदि यहाँ कांग्रेस बोर्ड नहीं बनाती तो पूरे राज्य में उनकी किरकिरी होगी। पिछले जिला प्रमुख के चुनाव में उन्होंने भाजपा के कद्दावर नेता पलाड़ा से हाथ मिला कर अपनी इज्जत बचा ली मगर इस बार उनका तरह तरह से खार खाए बैठे अनिल मित्तल और राजेन्द्र विनायका से मुक़ाबला है ।लगता नहीं कि वे किसी भी तरह उनके साथ हाथ मिला पाएंगे।





किशनगढ़ नगर परिषद का जहाँ तक सवाल है यहां भाजपा और कांग्रेस पार्टी निश्चित रूप से विधायक सुरेश टाक के किशनगढ़ विकास मंच की तुलना में ज्यादा मजबूत सिद्ध होंगी मगर उनकी मजबूती सुरेश टाक की मेहरबानी के बिना अधूरी रहेगी। उनकी ईंटों और सीमेंट के लिए जिस बजरी की ज़रूरत होगी वह सुरेश टाक ही उपलब्ध कराएंगे।






सांसद भागीरथ चौधरी के साथ कांग्रेस के लोगों ने जिस तरह चुनावों में हाथापाई की और वे चुप होकर बैठ गए उससे लगता है कि उनका भी ग़ुब्बारा फूट चुका है ।अपने ही शहर में उनकी इज्जत पर हाथ डालने वालों का वे कुछ नहीं कर पाए वे सुरेश टाक के विकास मंच से किस प्रकार सहयोग ले सकेंगे





मुझे लगता है कि किशनगढ़ में यदि कांग्रेस और भाजपा में से किसी को भी सुरेश के लोगों की ज़रूरत हुई तो अशोक गहलोत का बीच में कूदना ज़रूरी हो जाएगा ।हो सकता है कि गहलोत के कारण सुरेश टाक अपने जीते हुए पार्षदों का समर्थन कांग्रेस को दे दें ।






बिजयनगर में भाजपा निश्चित रूप से कांग्रेस पर भारी पड़ेगी। शाम तक मेरी बात की तस्दीक भी हो जाएगी मगर यहां भी पेच निर्दलियों को लेकर फँसेगा।मुझे लग रहा है कि बिजयनगर में निर्दलीय आसानी से भाजपा के साथ हो जाएंगे और बोर्ड भाजपा बना लेगी ।






फिलहाल मतगणना शुरू हो चुकी है ।मतदान की मशीनें मुंह खोल रही हैं। योद्धाओं के मुकद्दर बाहर आ रहे हैं ।दोपहर के बाद सभी निकायों में स्थिति साफ हो जाएगी। मैं सभी पार्टी के सभी उम्मीदवारों को उनकी जीत के लिए बधाई देता हूं।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved