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October 15, 2026
अजमेर JLN अस्पताल के शिशु ICU के टॉयलेटों की बदहाल स्थिति, गंदगी से संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका
नवजात और छोटे बच्चों के इलाज के लिए बने वार्ड में सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान
अजमेर। अजमेर संभाग के सबसे बड़े जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के शिशु वार्ड स्थित आईसीयू में बने टॉयलेटों की बदहाल स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही है। अस्पताल में जहां नवजात और छोटे बच्चों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए भर्ती किया जाता है, वहीं आईसीयू से जुड़े टॉयलेटों में गंदगी की समस्या सामने आने से सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिशु आईसीयू ऐसा संवेदनशील स्थान है, जहां साफ-सफाई और संक्रमण से बचाव का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। यहां भर्ती होने वाले कई बच्चे पहले से ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे होते हैं। ऐसे में टॉयलेटों और आसपास के क्षेत्र में गंदगी रहने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है कि इस तरह के संवेदनशील वार्डों में नियमित सफाई, उचित रखरखाव और स्वच्छता के सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।
छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता
शिशु वार्ड में भर्ती बच्चों के परिजन पहले ही अपने बच्चों की बीमारी को लेकर परेशान रहते हैं। ऐसे में यदि अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं रहती, तो उनकी चिंता और बढ़ जाती है। आईसीयू में स्वच्छ वातावरण बनाए रखना बेहद आवश्यक है, क्योंकि नवजात शिशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है और उन्हें संक्रमण का अधिक खतरा रहता है।
स्थानीय स्तर पर शिशु वार्ड में बच्चों की मौतों को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। हालांकि, केवल टॉयलेटों में गंदगी को बच्चों की मौत का कारण मानने के लिए चिकित्सकीय जांच और आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। प्रत्येक मामले में बच्चे की बीमारी, उपचार और अन्य चिकित्सकीय परिस्थितियों की जांच के बाद ही मौत के कारण का निर्धारण किया जा सकता है।
अस्पताल प्रशासन से सफाई व्यवस्था सुधारने की मांग
इस मामले में अस्पताल प्रशासन को शिशु आईसीयू के टॉयलेटों की स्थिति का तत्काल निरीक्षण कराना चाहिए। नियमित सफाई, संक्रमण नियंत्रण के नियमों का पालन और स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भर्ती बच्चों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
अब सवाल यह है कि अस्पताल प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब ध्यान देगा और शिशु आईसीयू की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाएगा। बच्चों के बेहतर उपचार के साथ-साथ उन्हें स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी अस्पताल की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
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