Post Views 01
October 10, 2026
जयपुर। जगतपुरा से इंदिरा गांधी नगर होते हुए रिंग रोड तक सीधी कनेक्टिविटी का रास्ता खुल गया है। 8.5 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर इंदिरा गांधी नगर में 400 मीटर के हिस्से में सड़क के बीचों-बीच खड़े मकान और दुकानों पर शुक्रवार को बुलडोजर चला। हाउसिंग बोर्ड ने इस बॉटलनेक हिस्से में 25 मकान-दुकान ध्वस्त किए। बॉटलनेक के चलते 200 फीट चौड़ी सड़क इस 400 मीटर लंबे हिस्से में केवल 30 फीट रह जाती थी। हाउसिंग बोर्ड की टीम सुबह पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंची और करीब चार घंटे तक चली कार्रवाई में सभी अतिक्रमण ढहा दिए।
आंकड़ों में पूरा मामला
| क्या | कितना |
|---|---|
| पूरी सड़क की लंबाई | 8.5 किलोमीटर, जगतपुरा से इंदिरा गांधी नगर होते हुए रिंग रोड तक |
| अटका हुआ हिस्सा | 400 मीटर, यानी कुल लंबाई का पांच फीसदी से भी कम |
| तय चौड़ाई | 200 फीट |
| इस हिस्से में चौड़ाई | सिर्फ 30 फीट, यानी तय चौड़ाई का 15 फीसदी |
| हटाए गए स्ट्रक्चर | 25 मकान-दुकान |
| कार्रवाई | करीब चार घंटे, पुलिस जाब्ते के साथ |
| रोजाना यातायात | करीब 4,000 वाहन |
| हादसे | महीने में 10 से 12 |

इंदिरा गांधी नगर में 400 मीटर के बॉटलनेक हिस्से में चली कार्रवाई।
25 साल पहले प्रस्तावित, 20 साल से अटकी
इंदिरा गांधी नगर की बसावट के समय, करीब 25 साल पहले यह 200 फीट की सड़क प्रस्तावित की गई थी। सड़क का निर्माण 20 साल पहले हो चुका था, लेकिन एक हिस्से के मकान-दुकान मालिकों ने अदालत से स्टे ले लिया था। जनवरी 2026 में यह स्टे खारिज हुआ और उसके करीब नौ महीने बाद कार्रवाई हुई।
खातीपुरा स्टेशन विकसित होने के बाद इस रूट पर यातायात का दबाव बढ़ा है। एक ही लेन में दोनों तरफ का ट्रैफिक चलने से यहां रोजाना हादसे हो रहे थे।
सहमति से हटे स्ट्रक्चर, मुआवजा तय
जिन लोगों के मकान-दुकान ध्वस्त किए गए, उन्हें हाउसिंग बोर्ड ने सात दिन पहले नोटिस दिया था। स्ट्रक्चर हटाने की सहमति के साथ लोगों ने मकान-दुकान खाली कर दिए थे। बोर्ड प्रभावितों का मुआवजा पहले ही तय कर चुका है।मंडल उपायुक्त राजेश व्यास ने कहा कि सभी प्रभावितों के स्ट्रक्चर सहमति से हटाए गए हैं और अब जेडीए यहां सड़क निर्माण कर सकेगा। बोर्ड पहले कह चुका है कि प्रभावितों को सेक्टर 5 में जमीन दी जाएगी।
कार्रवाई के दौरान पोकलैंड खराब
गंगा मार्ग पर हाउसिंग बोर्ड ने शुरुआत में दुकानें हटाईं। सड़क के एक हिस्से में दो मंजिला मकान-दुकान ध्वस्त करने के लिए साढ़े ग्यारह बजे कार्रवाई शुरू की गई, इसी दौरान पोकलैंड मशीन खराब हो गई। कार्रवाई में कई पेड़ भी चपेट में आ गए। अचानक हुई कार्रवाई से मौके पर भीड़ जमा हो गई थी।
क्या फायदा होगा
400 मीटर का यह हिस्सा पूरी 8.5 किलोमीटर सड़क का पांच फीसदी से भी कम है, लेकिन इसी हिस्से के कारण पूरा कॉरिडोर अटका हुआ था। यहां सड़क सिंगल लेन थी और तय 200 फीट के मुकाबले 170 फीट चौड़ाई कम पड़ रही थी। यहां से रोजाना करीब 4,000 वाहन गुजरते हैं और महीने में 10 से 12 हादसे हो रहे थे, यानी साल भर में सवा सौ से ज्यादा। अड़चन हटने के बाद जगतपुरा से रिंग रोड तक का सफर सीधा हो सकेगा।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved