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October 10, 2026
पुष्कर में रामलीला शुरू, पहले दिन नारद मोह का मंचन
पुष्कर के वराह घाट चौक में 13 दिवसीय रामलीला शुरू: पहले दिन नारद मोह और रावण के वरदान का मंचन, 20 अक्टूबर को रावण दहन, 21 को होगा राम राज्याभिषेक
पुष्कर के छोटी बस्ती के वराह घाट चौक में शुक्रवार, 9 अक्टूबर की शाम 13 दिवसीय रामलीला महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ। श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ के तत्वावधान और नगर परिषद के सहयोग से आयोजित महोत्सव की शुरुआत गणेश वंदना व वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। पहले दिन स्थानीय कलाकारों ने नारद मोह, रावण, कुंभकरण और विभीषण के जन्म तथा वरदान से जुड़े पौराणिक प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया। राजोरिया के अनुसार, पहले दिन चतुर्भुज नारायण अवतार की लीला भी दिखाई गई। नारद मोह और रावण आदि के वरदान के प्रसंगों के जरिए कलाकारों ने रामकथा की पृष्ठभूमि प्रस्तुत की। गणेश वंदना और मंत्रोच्चार के बीच रामलीला का पर्दा उठते ही वराह घाट चौक का माहौल राममय हो गया।संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र राजोरिया ने बताया कि महोत्सव की शुरुआत 9 अक्टूबर से हुई है और 21 अक्टूबर को भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ इसका समापन होगा। उन्होंने बताया कि शनिवार को भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव और ताड़का वध की लीला का मंचन किया जाएगा। आयोजन के दौरान स्थानीय कलाकार विभिन्न भूमिकाओं में रामकथा के प्रसंग प्रस्तुत करेंगे।संघ के सचिव चंद्रशेखर गौड़ के अनुसार, 19 अक्टूबर तक प्रतिदिन रात 9 से 12 बजे तक रामलीला का मंचन होगा। इसके बाद 20 अक्टूबर को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में रावण दहन किया जाएगा। अगले दिन 21 अक्टूबर को भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक होगा। इस तरह मंचन, रावण दहन और राज्याभिषेक के साथ 13 दिवसीय महोत्सव संपन्न होगा।पंडित पवन कुमार राज ऋषि ने बताया कि बीते 58 वर्षों की तरह इस बार भी रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। कलाकारों के उत्साह को देखते हुए नवरात्रि से दो दिन पहले ही मंचन शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि कलाकारों ने बढ़कर हिस्सा लिया है और प्रस्तुतियों के लिए अच्छी तैयारी की है। उद्घाटन दिवस पर नारद मोह तथा रावण आदि के जन्म और वरदान के प्रसंग प्रस्तुत किए गए।राजोरिया ने बताया कि महोत्सव के बीच कुछ विशेष आयोजन भी मंच पर दिखाए जाएंगे। श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ और नगर परिषद के सहयोग से रामलीला महोत्सव का संचालन किया जा रहा है।
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