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September 27, 2026
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस पर चुनाव आयोग की छवि खराब करने का आरोप लगाया है। रविवार को जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि किसी संवैधानिक संस्था पर गंभीर आरोप लगाने से पहले तथ्यों की पुष्टि होनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज सार्वजनिक करने को कहा।
‘तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से हुए फैसले’
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद होने का दावा किया था। उनके अनुसार, आयोग ने 26 सितंबर को जारी संयुक्त स्पष्टीकरण में कहा है कि एसआईआर सहित प्रमुख निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए। शर्मा ने सवाल किया कि इस स्पष्टीकरण के बाद कांग्रेस अपने आरोपों की समीक्षा करेगी या नहीं।
कैबिनेट सचिव को भेजे पत्र और फॉर्म-6 पर भी सवाल
कैबिनेट सचिव को भेजे गए एक पत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उसे एसआईआर से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जबकि आयोग के अनुसार वह प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के प्रशासनिक कामकाज से संबंधित आंतरिक मामला था। उन्होंने फॉर्म संख्या 6 में कथित बदलाव के दावे पर भी कांग्रेस से आधिकारिक दस्तावेज दिखाने को कहा।
‘नाम जोड़ने के प्रयासों पर भी हो चर्चा’
शर्मा ने कहा कि मतदाता सूची को सटीक बनाने के साथ पात्र लोगों के नाम जोड़ने के प्रयासों पर भी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने विशेष शिविरों, बेघर और श्रमिक मतदाताओं तक पहुंचने तथा बूथ लेवल अधिकारियों के घर-घर जाकर फॉर्म एकत्र करने के प्रयासों का उल्लेख किया।
राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन आरोप लगाने वालों को उनके प्रमाण भी सामने रखने चाहिए। कांग्रेस को जनता के बीच जाकर काम करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि तथ्य सामने आएंगे तो जनता स्वयं उनका आकलन करेगी।
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