Post Views 01
September 27, 2026
रामगंज स्थित कार्यसिद्ध बालाजी मंदिर के तीन दिवसीय वार्षिक विशाल मेले का समापन, अंतिम दिन उमड़ा डेढ़ से दो लाख श्रद्धालुओं का जनसैलाब
अजमेर के रामगंज स्थित श्रीपत दसनाम जूना अखाड़े के कार्यसिद्ध बालाजी मंदिर और राममोहन गंगेश्वर आश्रम में चल रहे तीन दिवसीय वार्षिक मेले का भव्य समापन हो गया है। मेले के तीसरे और अंतिम दिन मंदिर प्रांगण से लेकर पूरे मेला क्षेत्र में भक्तों का तांता लगा रहा। श्राद्ध पक्ष शुरू होने से ठीक पहले आयोजित होने वाले इस प्रसिद्ध मेले में लगभग डेढ़ से दो लाख श्रद्धालुओं ने शिरकत की।
अजमेर के रामगंज क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। दोराई मार्ग से लेकर लगभग दो किलोमीटर से अधिक लंबे क्षेत्र में फैले इस विशाल मेले में चारों तरफ सिर्फ जनसैलाब ही नज़र आ रहा था। तीन दिनों तक चले इस धार्मिक महोत्सव की शुरुआत पहले दिन भव्य संध्या भजन और प्रशासनिक रीति-रिवाज के साथ ध्वजारोहण करके की गई थी। वहीं दूसरे दिन एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें काली माता, भगवान शिव, हनुमान जी और भव्य राम दरबार की सुंदर सजीव झांकियां मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं।
बालाजी मंदिर, रामगंज के महंत शशि गिरी ने बताया कि आज अंतिम मेले का तीसरा दिन है, कार्यसिद्ध बालाजी मंदिर, राममोहन गंगेश्वर आश्रम, श्रीपत दसनाम जूना अखाड़े का यह अंतिम चरण है। लगभग डेढ़ से दो लाख के आसपास पब्लिक आई है। दोराई से आगे दो किलोमीटर तक केवल सिर ही सिर दिख रहे हैं। पहले दिन भजन संध्या भजन और झंडा रोहण हुआ, दूसरे दिन विशाल शोभायात्रा थी... मेले में झूले, मिठाइयां, चाट पकोड़े, खिलौने आदि की दुकानें लगी जिनका बच्चे-बड़े सब आनंद ले रहे हैं। इसके बाद श्राद्ध पक्ष चालू हो जाएगा। आप सभी श्रद्धालुओं और मीडिया बंधुओं का बहुत-बहुत धन्यवाद।
धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ मेले में बच्चों और परिवारों के मनोरंजन का भी पूरा इंतजाम रहा। मेले में लगे रंग-बिरंगे झूले, मिठाइयों की दुकानें, चटपटे व्यंजनों के स्टॉल और खिलौनों की दुकानों पर लोगों ने जमकर खरीदारी की और आनंद उठाया। सनातन परंपरा के अनुसार श्राद्ध पक्ष शुरू होने से पूर्व बालाजी महाराज का यह वर्ष का अंतिम बड़ा मेला माना जाता है।
बालाजी महाराज की कृपा और श्रद्धालुओं के अपार उत्साह के साथ इस तीन दिवसीय ऐतिहासिक मेले का शांतिपूर्ण एवं भव्य समापन हुआ।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved