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September 27, 2026
अजमेर को मिली बड़ी सौगात: 12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 'वरुण सागर-खरेखड़ी' सड़क का हुआ शिलान्यास।
पुष्कर घाटी के जाम से मिलेगी मुक्ति: पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए तैयार हो रहा है पुष्कर जाने का नया वैकल्पिक मार्ग।
पर्यटन और जल संरक्षण पर ज़ोर: 31 करोड़ से वरुण सागर की डी-सिल्टिंग और दिसंबर तक काजीपुरा में शुरू होगी लेपर्ड सफारी।
अजमेर के चौमुखी विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। अजमेर में वरुण सागर से खरेखड़ी तक बनने वाली पक्की सड़क के सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण कार्य का शिलान्यास किया गया। लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क न केवल स्थानीय निवासियों को राहत देगी, बल्कि पुष्कर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक सुगम व वैकल्पिक मार्ग साबित होगी। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी एवं महापौर अनामिका शर्मा ने रविवार सुबह लक्की तिराहा, खरेखड़ी रोड पर सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों का विधिवत पूजा अर्चना कर शिलान्यास कार्य शुभारंभ किया।वरूणसागर–खरेखड़ी–पुष्कर रोड एवं वरूणसागर–अजमेर रोड के सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य लागत राशि ₹12 करोड़ ओर काजीपुरा स्थित लक्की चौराहा, गली नं. 01 में बरमा टेन्ट हाउस से सोनू स्वामी/दिलीप सिंह जी के मकान तक सड़क निर्माण कार्य लागत राशि ₹15 लाख के कार्य प्रारंभ कराये गए।
मीडिया से बात करते हुए वासुदेव देवनानी ने बताया कि अजमेर में पर्यटन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए क्षेत्र में लगभग 81 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्य चल रहे हैं। इसी कड़ी में वरुण सागर से लक्की चौराहा होते हुए खरखड़ी तक की मुख्य सड़क के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया।
अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) द्वारा इस सड़क को आगे बढ़ाते हुए सावित्री माता मंदिर, पुष्कर तक जोड़ा जा रहा है। इस नए मार्ग के बनने से पुष्कर घाटी में लगने वाले वर्षों पुराने ट्रैफिक जाम की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल सकेगी। सड़क निर्माण के साथ-साथ क्षेत्र में जल संरक्षण और पर्यटन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वरुण सागर झील की गहराई बढ़ाने और पानी की क्षमता में सुधार के लिए 31 करोड़ रुपये की लागत से डी-सिल्टिंग (गाद निकालने) का काम जारी है। इससे आसपास के क्षेत्रों में पेयजल संकट का स्थायी समाधान होगा।
इसके अलावा, काजीपुरा क्षेत्र में बन रही 'लेपर्ड सफारी' का काम इस साल दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है, जिससे अजमेर राजस्थान के प्रमुख वाइल्डलाइफ और ईको-टूरिज्म मैप पर और मजबूती से उभरेगा। सड़कों के चौड़ीकरण, झील संरक्षण और लेपर्ड सफारी जैसी परियोजनाओं से अजमेर में पर्यटन को नई उड़ान मिलेगी। इन विकास कार्यों के पूरा होने से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की यात्रा बेहद आसान और सुखद हो जाएगी।
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