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September 23, 2026
मुंबई के पीर ए तरीकत हाजी अब्दुल मन्नान शेख अपनी एक दिवसीय यात्रा पर अजमेर शरीफ दरगाह पहुंचे। जहां उन्होंने सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती रहमतुल्लाह अलेही के दरबार के अकीदत की चादर और फूल पेश किए। दरगाह के खादिम सैयद काशिफ हुसैन उस्मानी ने उन्हें दरगाह जियारत कराई और दरबार की दस्तारबंदी कर तबर्रुक पेश किया। इस मौके पर हाजी पीर अब्दुल मन्नान शेख ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह फिलहाल अजमेर शरीफ जियारत के तौर पर आए हैं और जल्द ही हजरत ख्वाजा गरीब नवाज के बड़े साहबजादे सैयद ख्वाजा फखरुद्दीन चिश्ती रहमतुल्ला अलैहि के उर्स की तैयारी में जुटेंगे । गौरतलब है कि सरवाड़ शरीफ दरगाह में उनके जरिए विभिन्न निर्माण कार्य कराये गए है। जिसमें दरगाह का 101 फीट ऊंचा बुलंद दरवाजा और वजू खाना महफिल खाना समेत अन्य ऐतिहासिक कार्य भी शामिल है। यही वजह है कि इन समस्त स्थलों की देखरेख और उसमें तब्दीली के लिए खासतौर से अजमेर और सरवाड़ वह आते रहे हैं। फिलहाल उन्होंने ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में मुल्क में अमन और अपने मुरीदीन की सलामती के लिए खुशहाली की दुआ मांगी है।
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