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September 23, 2026
अजमेर नगर निगम चुनाव में धांधली का आरोप: 40-40 वोटों की बराबरी के बाद उपमहापौर चुनाव में पर्ची प्रक्रिया पर हंगामा, कांग्रेस की कोर्ट जाने की चेतावनी!
अजमेर नगर निगम के चुनाव के बाद अब सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने प्रशासन और सत्ताधारी दल पर मेयर व उपमहापौर चुनाव में धांधली और दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस का दावा है कि चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों प्रत्याशियों को 40-40 वोट मिले थे। इसके बाद लॉटरी (पर्ची) के जरिए फैसला होना था, लेकिन आरोप है कि रिटर्निंग अधिकारी ने नियमों को ताक पर रखकर खुद ही पर्ची बनाई और खुद ही निकाल ली। मामले को लेकर वार्ड संख्या 65 के पार्षद नौरत गुर्जर ने जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायत सौंपी है। अजमेर नगर निगम में महापौर और उपमहापौर के चुनाव के दौरान भारी गहमागहमी देखने को मिली। चुनाव में दोनों पक्षों के बीच 40-40 मतों की बराबरी हो गई थी। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पर्ची निकालने के लिए किसी तीसरे निष्पक्ष व्यक्ति या बच्चे की मदद ली जानी चाहिए थी, लेकिन रिटर्निंग अधिकारी ने दबाव में आकर आनन-फानन में खुद ही पर्ची निकाली और भाजपा प्रत्याशी को विजयी घोषित कर दिया। कांग्रेस पार्षद नौरत गुर्जर ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान नगर निगम को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था और कांग्रेस के प्रस्तावकों व नेताओं को अंदर नहीं जाने दिया गया, जबकि भाजपा नेताओं को अंदर जाने की छूट थी। हमने जिला कलेक्टर से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। अगर दोबारा पर्ची नहीं निकाली गई, तो हमें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
नौरत गुर्जर ने कहा कि जनता ने कांग्रेस के 37 और भाजपा के 32 पार्षदों को चुना था। जोड़-तोड़ के बाद भी दोनों के पास 40-40 वोट थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के सभी पार्षद एकजुट हैं और नगर निगम के भीतर तानाशाही और मनमानी का मुंहतोड़ जवाब देंगे। फिलहाल कांग्रेस ने जिला कलेक्टर से इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोबारा पर्ची निकालने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है या यह मामला अदालत तक पहुंचता है।
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