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September 16, 2026
दिनेश भट्ट और प्रमोद सामर के नाम पर लंबी खींचतान के बाद बदला समीकरण, पूर्व डिप्टी मेयर पारस सिंघवी ने भरा नामांकन, कांग्रेस ने शहर जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ की पत्नी पूनम कुंवर को बनाया प्रत्याशी
उदयपुर। नगर निगम चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद मेयर पद को लेकर पार्टी के भीतर चली लंबी माथापच्ची बुधवार को खत्म हो गई। भाजपा ने पूर्व उपमहापौर और वार्ड नंबर 24 से निर्वाचित पार्षद पारस सिंघवी को उदयपुर मेयर पद का प्रत्याशी बनाया है। दूसरी ओर कांग्रेस ने वार्ड नंबर 17 से निर्वाचित पूनम कुंवर राठौड़ को मैदान में उतारा है। दोनों दलों के प्रत्याशी सामने आने के बाद अब उदयपुर नगर निगम के मेयर चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है। भाजपा ने नगर निगम की 80 सीटों में से 53 वार्ड जीते हैं, जबकि कांग्रेस के 23 पार्षद निर्वाचित हुए। तीन निर्दलीय और एक अन्य दल का पार्षद भी निगम पहुंचा है। 41 के बहुमत के आंकड़े से भाजपा काफी आगे है। पारस सिंघवी स्वयं वार्ड 24 से 2,449 मत हासिल कर 1,680 वोट के अंतर से चुनाव जीते हैं।
अंतिम समय तक दिनेश भट्ट और प्रमोद सामर के नाम पर चला मंथन
मेयर पद के प्रत्याशी को लेकर भाजपा में अंतिम समय तक स्थिति साफ नहीं थी। मंगलवार से बुधवार दोपहर तक पार्टी में पूर्व शहर अध्यक्ष दिनेश भट्ट और वरिष्ठ नेता प्रमोद सामर के नाम प्रमुखता से चर्चा में रहे। पार्टी ने अपने 53 नवनिर्वाचित पार्षदों से पर्ची पर तीन-तीन पसंदीदा नाम लिखवाकर राय भी ली थी। पारस सिंघवी, प्रमोद सामर, दिनेश भट्ट और कुछ अन्य नाम इस रायशुमारी में चर्चा में थे। स्थानीय राजनीतिक रिपोर्टों के मुताबिक भट्ट और सामर के नाम पर अलग-अलग पक्षों की सहमति नहीं बन पाने के बाद तीसरे विकल्प के रूप में पारस सिंघवी के नाम पर मंथन तेज हुआ। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि संगठन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े पदाधिकारियों की मध्यस्थता के बाद सिंघवी के नाम पर सहमति बनी। भाजपा या आरएसएस की ओर से इस प्रक्रिया का विस्तृत आधिकारिक ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
समर्थकों के साथ निगम पहुंचे पारस सिंघवी
पारस सिंघवी समर्थकों और भाजपा नेताओं के साथ नगर निगम पहुंचे और मेयर पद के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी की। उनके साथ शहर भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, पूर्व मेयर जी.एस. टांक, रजनी डांगी, चंद्रसिंह कोठारी और पूर्व सभापति युधिष्ठिर कुमावत सहित कई स्थानीय नेता मौजूद रहे। पार्षद पंकज बोराणा उनके प्रस्तावक बने। नामांकन के लिए जाते समय सिंघवी भावुक भी नजर आए और पार्टी कार्यकर्ताओं तथा साथियों से मिले। लंबे समय से नगर निगम की राजनीति में सक्रिय सिंघवी पूर्व में उपमहापौर की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इस बार भाजपा ने उन्हें वार्ड 24 से चुनाव मैदान में उतारा था और उन्होंने बड़ी बढ़त से जीत दर्ज की।
डिप्टी मेयर को लेकर अब नई खींचतान की संभावना
पारस सिंघवी के मेयर प्रत्याशी बनने के बाद भाजपा के भीतर अब डिप्टी मेयर पद को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय राजनीतिक रिपोर्टों के अनुसार दिनेश भट्ट के नाम पर डिप्टी मेयर पद का विकल्प चर्चा में आया है। यदि उनके नाम पर सहमति नहीं बनती है तो अशोक नागदा और जतिन श्रीमाली जैसे नामों पर भी विचार होने की बात कही जा रही है। हालांकि भाजपा ने डिप्टी मेयर पद के लिए अभी कोई आधिकारिक प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। डिप्टी मेयर का चुनाव 22 सितंबर को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होना है, इसलिए पार्टी के पास इस पद के लिए सामाजिक और संगठनात्मक समीकरण तय करने का समय है।
शहर विधायक और संगठन के बीच अलग-अलग नामों की चर्चा
मेयर प्रत्याशी के चयन से पहले भाजपा में अलग-अलग नेताओं की पसंद को लेकर भी राजनीतिक चर्चा रही। रिपोर्टों के मुताबिक शहर विधायक ताराचंद जैन के स्तर पर दिनेश भट्ट के नाम को लेकर सकारात्मक राय थी, जबकि संगठन के कुछ पदाधिकारी दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहे थे। प्रमोद सामर का नाम भी प्रदेश नेतृत्व के सामने प्रमुख दावेदार के रूप में पहुंचा था। इसी मतभेद के कारण पार्टी नेतृत्व ने अंतिम समय तक घोषणा नहीं की और वैकल्पिक नामों पर भी विचार किया। पारस सिंघवी के अलावा पंकज बोराणा, अशोक नागदा, जतिन श्रीमाली और अन्य नेताओं के नाम भी अलग-अलग चरणों में चर्चा में आए।
कांग्रेस ने पूनम कुंवर को मैदान में उतारा
कांग्रेस की ओर से शहर जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ की पत्नी डॉ. पूनम कुंवर राठौड़ को मेयर प्रत्याशी बनाया गया है। पूनम कुंवर वार्ड नंबर 17 से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद चुनी गई हैं। कांग्रेस ने बुधवार को उनके नाम पर मुहर लगाकर नामांकन कराया। इससे पहले कांग्रेस में पूनम कुंवर के अलावा हितांशी शर्मा, अरुण टांक और कुछ अन्य निर्वाचित पार्षदों के नाम भी संभावित प्रत्याशी के रूप में चर्चा में थे। अंतिम चरण में पार्टी ने पूनम कुंवर को उम्मीदवार बनाया।
भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत
उदयपुर में मेयर चुनाव का संख्या गणित भाजपा के पक्ष में स्पष्ट है। निगम की कुल 80 सीटों में भाजपा के 53 पार्षद हैं और मेयर चुनने के लिए 41 वोट पर्याप्त हैं। कांग्रेस के 23 पार्षद हैं, जबकि तीन निर्दलीय और एक अन्य पार्षद है। इसलिए मेयर चुनाव में भाजपा को अपने ही निर्वाचित पार्षदों के मत एकजुट रखने की जरूरत होगी। हालांकि मेयर का अंतिम निर्वाचन पार्षदों के मतदान से ही होगा। प्रत्याशी घोषित होना और बहुमत संख्या होना अलग चरण हैं; औपचारिक परिणाम मतदान और मतगणना के बाद घोषित किया जाएगा।
21 सितंबर को होगा मेयर चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार मेयर पद के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 16 सितंबर है। 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 18 सितंबर दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। मेयर पद के लिए मतदान 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा और इसके तुरंत बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा। डिप्टी मेयर का चुनाव अगले दिन 22 सितंबर को होगा। इस तरह उदयपुर में अब मुकाबला भाजपा के पारस सिंघवी और कांग्रेस की पूनम कुंवर के बीच है। भाजपा के भीतर कई दिनों से चल रहा प्रत्याशी चयन का विवाद फिलहाल सिंघवी के नाम के साथ समाप्त हो गया है, जबकि अगला संगठनात्मक मंथन डिप्टी मेयर पद को लेकर होने की संभावना है।
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