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September 16, 2026
पुष्कर में भाजपा के बाकोलिया और कांग्रेस के दायमा के बीच सभापति का मुकाबला
भाजपा के रोहन बाकोलिया और कांग्रेस के नारायण दायमा ने दाखिल किया नामांकन
नगर परिषद चुनाव का परिणाम आने के बाद पुष्कर की सियासत अब सभापति की कुर्सी पर आकर टिक गई है। 25 वार्डों वाली परिषद में भाजपा के 19 पार्षद निर्वाचित हुए हैं, जबकि कांग्रेस के खाते में चार और दो सीटों पर निर्दलीयों ने जीत दर्ज की है। ऐसे में सभापति पद के लिए भाजपा के पास स्पष्ट संख्याबल है, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन के बाद राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।सभापति पद के लिए आज भाजपा की ओर से राजेंद्र बाकोलिया ने अपना नामांकन दाखिल किया। बाकोलिया अपने समर्थकों और भाजपा नेताओं के साथ पुष्कर उपखंड कार्यालय पहुंचे और रिटर्निंग अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी गुरु प्रसाद त्रोमर के समक्ष नामांकन प्रस्तुत किया।पार्षद हरिशंकर चौहान प्रस्तावक के रूप में मौजूद रहे ।बाकोलिया के नामांकन के दौरान उनका पूरा परिवार मौजूद रहा। इस दौरान केबिनेट मंत्री सुरेशसिंह रावत,पूर्व सभापति कमल पाठक, जिला संभाग प्रभारी हरेंद्र शर्मा,भाजपा नेता अरुण वैष्णव,नरेंद्र चूंडावत, महेंद्र सिंह रावत सहित अनेक भाजपा नेता मौजूद रहे ।
बोलेंगे नही करके दिखाएंगे••••••••••••
नामाँकन भरने के बाद भाजपा के सभापति दावेदार राजेन्द्र बाकोलिया ने इतने बडे जनादेश के लिये पुष्कर की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे बड़े बड़े वादे नही करेंगे करके दिखाएंगे ।वही केबिनेट मंत्री सुरेशसिंह रावत ने कहा कि संगठन ने एक कार्यकर्ता को मौका दिया है और बाकोलिया सेवा करके दिखाएंगे ।
काग्रेस के दायमा भी मैदान में•••••••••••
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने भी सभापति चुनाव को लेकर अपना पत्ता खोल दिया है। कांग्रेस के पार्षद नारायण दायमा ने भी बुधवार को सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया।पार्षद ओमप्रकाश डोळ्या ने दायमा के प्रस्तावक थे ।नामांकन के दौरान पार्षद जय वाल्मीकि, पूर्व पालिकाध्यक्ष दामोदर शर्मा,टीकम शर्मा,बेधनाथ पाराशर, भागचंद माली,जगदीश कुर्डिया सहित अनेक काग्रेस नेता मौजूद रहे ।नामांकन के बाद अब राजनीतिक निगाहें इस बात पर टिक गई हैं कि आने वाले दिनों में पार्षदों के बीच क्या समीकरण बनते हैं और क्या कोई नया राजनीतिक मोड़ सामने आता है।फिलहाल पुष्कर नगर परिषद के सभापति चुनाव का गणित साफ है—भाजपा के पास 19 का मजबूत आंकड़ा है, कांग्रेस के पास चार का समर्थन है और दो निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी चर्चा में है।अब देखना यह होगा कि 19 के आंकड़े के साथ भाजपा की ओर से मैदान में उतरे रोहन बाकोलिया सभापति की कुर्सी तक पहुंचते हैं या नारायण दायमा के संपर्कों का दावा चुनावी गणित में कोई नया अध्याय जोड़ता है।
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