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September 15, 2026
मतगणना के दौरान EVM में तकनीकी खराबी के बाद राज्य निर्वाचन आयोग का फैसला, 16 सितंबर को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक वोटिंग, 17 सितंबर को होगी मतगणना
जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के तहत जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत के कुछ मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतगणना के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में तकनीकी खराबी सामने आने और उससे चुनाव परिणाम प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए संबंधित मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने के निर्देश जारी किए हैं।
आयोग के अनुसार, संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों से प्राप्त रिपोर्टों की जांच के बाद यह सामने आया कि कुछ मतदान केंद्रों पर EVM में आई तकनीकी खराबी से प्रभावित मतों की संख्या निकटतम प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के बीच जीत-हार के अंतर से अधिक है। ऐसी स्थिति में अंतिम चुनाव परिणाम की निष्पक्षता और स्पष्टता सुनिश्चित करने के लिए पुनर्मतदान आवश्यक माना गया।
जयपुर के पांच वार्डों के छह बूथों पर दोबारा मतदान
नगर निगम जयपुर में सबसे अधिक मतदान केंद्र पुनर्मतदान के दायरे में आए हैं। आयोग के अनुसार वार्ड संख्या 09 के बूथ संख्या 111, वार्ड संख्या 18 के बूथ संख्या 235, वार्ड संख्या 25 के बूथ संख्या 343 और वार्ड संख्या 34 के बूथ संख्या 477 एवं 484 पर पुनर्मतदान कराया जाएगा। इन बूथों के परिणाम लंबित रहने के कारण संबंधित वार्डों का अंतिम चुनाव परिणाम भी स्पष्ट नहीं हो पाया था। इसी वजह से नगर निगम जयपुर में आगे की अध्यक्षीय या महापौर चुनाव प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है।
जोधपुर में वार्ड 50 के बूथ 338 पर पुनर्मतदान
नगर निगम जोधपुर के वार्ड संख्या 50 के बूथ संख्या 338 पर भी पुनर्मतदान कराया जाएगा। मतगणना के दौरान EVM से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण इस मतदान केंद्र के मतों की गणना पूरी नहीं हो सकी थी।
आयोग ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद पुनर्मतदान का निर्णय लिया है, ताकि संबंधित वार्ड का अंतिम परिणाम निर्विवाद रूप से घोषित किया जा सके।
कोटा में तीन बूथों पर फिर पड़ेंगे वोट
नगर निगम कोटा में भी तीन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया जाना तय किया गया है। इनमें वार्ड संख्या 87 का बूथ संख्या 99, वार्ड संख्या 44 का बूथ संख्या 448 और वार्ड संख्या 11 का बूथ संख्या 576 शामिल हैं। इन मतदान केंद्रों पर तकनीकी खराबी से प्रभावित मतों की संख्या जीत-हार के अंतर को प्रभावित करने की स्थिति में पाई गई। इसके बाद आयोग ने यहां दोबारा मतदान कराने को ही उचित माना।
सुकेत के वार्ड 4 में बूथ संख्या 5 पर पुनर्मतदान
नगरपालिका सुकेत के वार्ड संख्या 04 के बूथ संख्या 05 पर भी पुनर्मतदान कराया जाएगा। यहां भी मतगणना के दौरान EVM में तकनीकी खराबी की स्थिति सामने आई थी। चारों नगरीय निकायों में पुनर्मतदान के बाद ही संबंधित वार्डों के अंतिम परिणाम घोषित किए जा सकेंगे।
16 सितंबर को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक वोटिंग
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार इन सभी मतदान केंद्रों पर 16 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक पुनर्मतदान कराया जाएगा। मतदान पूरा होने के बाद EVM को निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत सील कर स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखा जाएगा। पुनर्मतदान में पड़े मतों की गणना 17 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे से निर्धारित मतगणना स्थल पर की जाएगी। मतगणना पूरी होने के बाद संबंधित वार्डों का अंतिम परिणाम घोषित किया जाएगा।
उम्मीदवारों और मतदाताओं को दी जाएगी अलग से सूचना
आयोग ने निर्देश दिए हैं कि पुनर्मतदान की तारीख, समय और मतदान केंद्र से संबंधित जानकारी सभी चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों और उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं को लिखित रूप से उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा मतदाताओं को भी व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से पुनर्मतदान की सूचना दी जाएगी। संबंधित नगरपालिका कार्यालय, मतदान केंद्र और निर्वाचन क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर भी सूचना प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई भी अधिकृत मतदाता जानकारी के अभाव में मतदान से वंचित न रहे।केवल संबंधित बूथ की मतदाता सूची में दर्ज मतदाता डाल सकेंगे वोट
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पुनर्मतदान में केवल वही मतदाता वोट डाल सकेंगे, जिनका नाम संबंधित मतदान केंद्र की आधिकारिक मतदाता सूची में दर्ज है। किसी अन्य बूथ के मतदाता को वहां मतदान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मूल मतदान के दौरान मतदाताओं की बाईं हाथ की मध्यमा अंगुली पर लगाई गई अमिट स्याही को लेकर भी आयोग ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। पुराना निशान आवश्यक प्रक्रिया के अनुसार हटाने के बाद पुनर्मतदान के समय दोबारा स्याही लगाई जाएगी। स्याही का निशान नाखून के शुरुआती हिस्से से अंगुली के प्रथम भाग तक दिखाई देने की व्यवस्था की जाएगी।
पर नए मतपत्र होंगे तैयार
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यकता होने पर EVM में इस्तेमाल के लिए मतपत्र और निविदत्त मतपत्र नए सिरे से तैयार किए जाएंगे। पुनर्मतदान में इस्तेमाल होने वाली सभी चुनाव सामग्री की जांच और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित निर्वाचन अधिकारियों को दिए गए हैं। मूल मतदान में इस्तेमाल की गई EVM को पुनर्मतदान के बाद भी सील कर सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।
चार निकायों के राजनीतिक समीकरण पर भी असर
जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत में कुछ वार्डों के परिणाम लंबित रहने के कारण इन निकायों की अंतिम राजनीतिक तस्वीर भी पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। इन बूथों पर होने वाला पुनर्मतदान कुछ वार्डों के नतीजे बदल सकता है और उसका असर संबंधित निकाय के बोर्ड गठन और अध्यक्ष या महापौर पद के चुनावी गणित पर भी पड़ सकता है। इसी वजह से इन चार निकायों में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पदों के चुनाव भी आगामी आदेश तक स्थगित किए जा चुके हैं। अब 17 सितंबर की मतगणना के बाद संबंधित वार्डों के अंतिम नतीजे सामने आने पर आगे की चुनावी प्रक्रिया का रास्ता साफ होगा।
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