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September 15, 2026
बस यात्रा के दौरान बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ी, रोडवेज चालक-परिचालक ने ड्यूटी से ज्यादा मानवता का फर्ज निभाया अस्पताल पहुँचाकर बचाई बुजुर्ग की जान
अजमेर में मानवता और तत्परता की एक बेहद सराहनीय खबर सामने आई है। अजमेर जिले के भिनाय तहसील अंतर्गत ग्राम खेड़ी से दवाई लेने अजमेर आ रहे एक बुजुर्ग मरीज की रोडवेज बस में सफर के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई। गर्मी और घबराहट के कारण मरीज का जी घबराने लगा और हालत गंभीर होने लगी। स्थिति को भांपते हुए रोडवेज बस के चालक और परिचालक ने संवेदनशीलता दिखाई और बस को सीधे जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के सामने लाकर खड़ा कर दिया। समय पर अस्पताल पहुंचने और इलाज मिलने से बुजुर्ग की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम खेड़ी निवासी लक्ष्मी नारायण कुमावत पिता: गिरधारी जी कुमावत) की पहले से तबीयत खराब चल रही थी और उनकी दवाइयां खत्म हो गई थीं। वे अपने पुत्र रामलाल कुमावत के साथ रोडवेज बस में सवार होकर अजमेर अस्पताल दवाई लेने आ रहे थे।
यात्रा के दौरान भीषण गर्मी और उमस के कारण बस में ही लक्ष्मी नारायण का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ गया। इसके बाद बस स्टाफ की मदद से उन्हें तुरंत JLN अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने समय पर उनका उपचार शुरू किया। मरीज के पुत्र रामलाल कुमावत ने बताया कि "हम ग्राम खेड़ी, तहसील भिनाय, जिला अजमेर के रहने वाले हैं। पिताजी लक्ष्मी नारायण कुमावत की तबीयत पहले से खराब थी और दवाइयां चल रही थीं। आज दवाइयों का आखिरी दिन था, इसलिए हम बस से अजमेर के जेएलएन अस्पताल दवाई लेने आ रहे थे। बस में गर्मी के कारण उनका जी घबराने लगा और तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। रोडवेज बस के ड्राईवर ओर कंडक्टर बस को बस स्टैंड से सीधे इमरजेंसी के सामने अस्पताल लेकर आए और वहां उतारा। अब इलाज मिलने के बाद पिताजी की हालत ठीक है। समय रहते रोडवेज कर्मियों के इस सही फैसले और डॉक्टरों की तत्परता की वजह से एक बुजुर्ग की जान बच सकी। फिलहाल मरीज का इलाज जारी है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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