Post Views 01
September 14, 2026
झालावाड़ के 45 में से 29 वार्ड कांग्रेस ने जीते, भाजपा 13 पर सिमटी, बाड़मेर में भाजपा ने 55 में से 29 वार्ड जीतकर बनाई स्पष्ट बढ़त
जयपुर। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव के नतीजों में सोमवार को कई जगह चौंकाने वाले राजनीतिक समीकरण सामने आए। झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया, वहीं बाड़मेर नगर परिषद में भाजपा ने करीब 15 साल बाद बहुमत का आंकड़ा हासिल कर स्थानीय सत्ता में बड़ी वापसी की है। दोनों नगर परिषदों के नतीजे प्रदेश की स्थानीय राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
झालावाड़ में कांग्रेस की बड़ी जीत, 45 में से 29 वार्ड पर कब्जा
झालावाड़ नगर परिषद के कुल 45 वार्डों में कांग्रेस ने 29 वार्डों में जीत दर्ज करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। भाजपा को यहां 13 वार्डों में सफलता मिली, जबकि दो वार्ड निर्दलीय प्रत्याशियों के खाते में गए। एक वार्ड में आम आदमी पार्टी ने जीत दर्ज कर नगर परिषद में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
झालावाड़ का चुनाव परिणाम राजनीतिक रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह क्षेत्र लंबे समय से भाजपा का मजबूत प्रभाव क्षेत्र रहा है। नगर परिषद में इससे पहले भाजपा का बोर्ड था। ऐसे में कांग्रेस का 29 सीटों तक पहुंचना पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि और भाजपा के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
45 सदस्यीय नगर परिषद में बहुमत के लिए 23 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। कांग्रेस ने अपने दम पर 29 सीटें जीतकर बहुमत के आंकड़े को छह सीटों से पार कर लिया है। इसके साथ ही झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
चुनाव परिणाम में भाजपा को 13 सीटों पर संतोष करना पड़ा। वहीं दो निर्दलीय और आम आदमी पार्टी के एक पार्षद की जीत ने भी चुनावी मुकाबले में स्थानीय और तीसरे विकल्प की मौजूदगी दिखाई है। हालांकि कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण बोर्ड गठन के लिए उसे अन्य पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता नहीं होगी।
दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान की महत्वपूर्ण बाड़मेर नगर परिषद में भाजपा ने बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया है। नगर परिषद के कुल 55 वार्डों में भाजपा ने 29 सीटों पर जीत दर्ज करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। इसके साथ ही करीब 15 साल बाद बाड़मेर नगर परिषद में भाजपा के बहुमत का रास्ता साफ हुआ है।
55 सदस्यीय बाड़मेर नगर परिषद में बोर्ड बनाने के लिए 28 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। भाजपा ने 29 वार्डों में जीत दर्ज कर बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है। परिणाम सामने आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है।
बाड़मेर में पिछले लंबे समय से स्थानीय राजनीति में कांग्रेस का प्रभाव मजबूत रहा है। ऐसे में भाजपा की यह जीत केवल नगर परिषद बोर्ड गठन तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे जिले की राजनीतिक तस्वीर में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में भी देखा जा रहा है। पार्टी ने चुनाव से पहले प्रत्येक वार्ड में स्थानीय समीकरणों और मजबूत प्रत्याशियों पर विशेष जोर दिया था, जिसका असर चुनाव परिणाम में दिखाई दिया।
झालावाड़ में कांग्रेस, बाड़मेर में भाजपा—दो नतीजों ने खींचा ध्यान
राजस्थान के निकाय चुनाव परिणामों के बीच झालावाड़ और बाड़मेर के नतीजे खास चर्चा में हैं। झालावाड़ में जहां कांग्रेस ने भाजपा के प्रभाव वाले क्षेत्र में स्पष्ट बहुमत हासिल कर बड़ा संदेश दिया है, वहीं बाड़मेर में भाजपा ने लंबे अंतराल के बाद बहुमत हासिल कर कांग्रेस के स्थानीय दबदबे को चुनौती दी है।
दोनों ही नतीजे यह संकेत देते हैं कि नगरीय निकाय चुनावों में मतदाताओं ने स्थानीय मुद्दों, प्रत्याशियों और क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों के आधार पर अलग-अलग जनादेश दिया है। अब नजर नगर परिषदों में सभापति के चुनाव और नए बोर्ड के गठन पर रहेगी।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved