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September 12, 2026
22 सितंबर तक का सामान लेकर पहुंचे उम्मीदवार, पार्टी ने बताया प्रशिक्षण शिविर, महिला प्रत्याशी छोटे बच्चों को भी साथ ले गईं,कांग्रेस 12 सितंबर को बाड़ेबंदी विचार
जयपुर। नगर निगम चुनाव की मतगणना से पहले भाजपा ने अपने पार्षद प्रत्याशियों को एकजुट रखने की कवायद शुरू कर दी है। शनिवार को प्रत्याशियों को भाजपा शहर कार्यालय बुलाने के बाद बसों से दिल्ली रोड स्थित एक रिसॉर्ट के लिए रवाना किया गया। पार्टी ने प्रत्याशियों को 22 सितंबर तक का सामान साथ लाने के निर्देश दिए थे। निकाय चुनाव की मतगणना 14 सितंबर को होगी। इसके बाद 21 सितंबर को महापौर और 22 सितंबर को उपमहापौर का चुनाव प्रस्तावित है। ऐसे में भाजपा की इस कवायद को बोर्ड गठन तक प्रत्याशियों को एकजुट रखने की रणनीति माना जा रहा है।
प्रशिक्षण शिविर के नाम पर बुलाए गए प्रत्याशी
भाजपा की ओर से प्रत्याशियों को फोन करके प्रशिक्षण शिविर की जानकारी दी गई थी। उन्हें शनिवार दोपहर 12 बजे पार्टी कार्यालय पहुंचने के लिए कहा गया। इसके बाद सभी को बसों में बैठाकर रिसॉर्ट भेजा गया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जयपुर के साथ प्रदेश के अन्य जिलों में भी प्रत्याशियों को एक स्थान पर रखने की रणनीति बनाई गई है। उदयपुर सहित कई शहरों में प्रत्याशियों को प्रशिक्षण शिविर के नाम पर एकजुट किया जा रहा है।
बच्चों के साथ पहुंचीं महिला प्रत्याशी
कई महिला प्रत्याशी अपने छोटे बच्चों के साथ बाड़ेबंदी में पहुंचीं। वार्ड नंबर-143 की प्रत्याशी निधि सैन अपने दो महीने के बच्चे के साथ रवाना हुईं। वहीं, वार्ड नंबर-88 की भाजपा प्रत्याशी शशि मिश्रा अपने पांच साल के बेटे को साथ लेकर पहुंचीं।
भाजपा बोली—परिवार की तरह साथ रहेंगे
भाजपा शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने कहा कि सभी पार्षद प्रत्याशियों को एक स्थान पर बुलाया गया है, जहां वे परिवार की तरह साथ रहेंगे। शिविर में पार्टी की रीति-नीति, विकसित भारत-2047 और सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता अलग-अलग सत्रों में प्रत्याशियों को प्रशिक्षण देंगे। भाजपा में सांसदों, विधायकों, मंडल अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और यह शिविर भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा है। प्रत्याशियों को 22 सितंबर तक रिसॉर्ट में रखने के सवाल पर गोयल ने कहा कि पार्टी का जो आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा।
मतगणना से बोर्ड गठन तक नजर रखने की रणनीति
कई वार्डों में करीबी मुकाबले की संभावना के कारण एक-एक पार्षद की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में बोर्ड गठन के लिए जोड़-तोड़ और निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता पड़ सकती है। इसी आशंका के चलते भाजपा अपने संभावित विजयी प्रत्याशियों को मतगणना से लेकर महापौर और उपमहापौर के चुनाव तक एकजुट रखना चाहती है। पार्टी की कोशिश है कि नतीजे आने के बाद उसके पार्षद विरोधी दलों के संपर्क में नहीं आएं।
कांग्रेस 12 सितंबर को बाड़ेबंदी विचार
भाजपा की रणनीति के बीच कांग्रेस ने भी अपने प्रत्याशियों को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। हालांकि जयपुर में कांग्रेस की ओर से बाड़ेबंदी पर अंतिम निर्णय 12 सितंबर को किया जाएगा। कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील शर्मा के निवास पर कांग्रेस के नेताओं की बैठक हुई इसमें मौजूदा राजनीतिक स्थितियों पर चर्चा की गई। बैठक में प्रभारी विधायक रोहित बोहरा,विधायक रफीक खान,पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास सहित विभिन्न नेता मौजूद रहे। भाजपा और कांग्रेस की नजर संभावित विजयी निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी है। नगर निगम में किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने पर निर्दलीय पार्षद महापौर और बोर्ड गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
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