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September 12, 2026
पुष्कर-मेड़ता रेलवे लाइन के काम को लेकर रूपाहेली में भारी विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि रेलवे के ठेकेदार और कर्मचारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के एक मूकबधिर किसान के खेत में जेसीबी और ट्रैक्टर चलाकर उसकी खड़ी फसल को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि रेलवे विभाग के ठेकेदार और कर्मचारियों ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए बिना किसी सूचना, सीमाज्ञान या डी-मार्केशन के खसरा नंबर 1929 स्थित एक खेत में जबरन प्रवेश किया।आरोप है कि खेत की बाउंड्री और जालियां तोड़कर जेसीबी और ट्रैक्टर खेत में घुसा दिए गए और ग्वार की खड़ी फसल को रौंदते हुए जगह-जगह गहरे गड्ढे खोद दिए गए। मौके पर मौजूद मूकबधिर किसान इकबाल खान ने इस मनमानी को रोकने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन उसकी एक न सुनी गई।
खेत मालिक राजेंद्र सिंह लामरोड़ की रिपोर्ट के अनुसार, 11 सितंबर की शाम करीब पौने पांच बजे यह घटना हुई। इकबाल खान द्वारा वीडियो कॉल कर सूचना देने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घटना से आक्रोशित किसानों ने भूमि अवाप्ति के मुआवजे और कथित विसंगतियों को लेकर भी भारी नाराजगी जताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीसांगन थाना पुलिस ने पीड़ित किसान की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया है और हेड कांस्टेबल रामाकिशन भांभू को जांच सौंप दी गई है। देर रात तक थाने में तहसीलदार अमित जिंदोलिया की मौजूदगी में किसानों और ग्रामीणों से समझाइश का दौर भी चलता रहा, लेकिन किसानों में रोष बरकरार है। विकास के नाम पर एक मूकबधिर किसान की रोजी-रोटी को इस तरह से उजाड़ना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित किसान को न्याय मिल पाता है या नहीं।
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