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September 12, 2026
निकाय की मतगणना के दौरान भी अपने क्षेत्रों में नहीं रहेंगे प्रत्याशी, 21 सितंबर को अध्यक्ष चुनाव के बाद होगी घर वापसी
जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव का मतदान समाप्त होते ही भाजपा और कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी कर दी है। चुनाव परिणाम और निकाय अध्यक्ष पद के चुनाव के बीच सेंधमारी की आशंका को देखते हुए प्रत्याशियों को बाहरी संपर्क से दूर रखकर पर्यटन और धार्मिक स्थलों की यात्रा कराई जा रही है। भाजपा के प्रत्याशी उत्तराखंड के नैनीताल और आसपास के धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों को नीमराना क्षेत्र में ठहराया है। राजनीतिक गलियारों में इन यात्राओं को संभावित खरीद-फरोख्त और दल-बदल रोकने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
मतदान खत्म होते ही रात में रवाना हुए भाजपा प्रत्याशी
विराटनगर, पावटा-प्रागपुरा और शाहपुरा नगर निकायों के कुल 83 भाजपा प्रत्याशी 9 सितंबर को मतदान समाप्त होने के बाद रात में ही रवाना हो गए थे। भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार बादलीवाल के नेतृत्व में गए प्रत्याशियों में विराटनगर के 25, पावटा-प्रागपुरा के 45 और शाहपुरा के 13 प्रत्याशी शामिल हैं। पावटा-प्रागपुरा नगर निकाय में कुल 45 वार्ड हैं और मतदान 9 सितंबर को हुआ था। यात्रा के दौरान शाहपुरा के प्रत्याशियों ने स्वीमिंग और फुटबॉल खेलकर समय बिताया। नैनीताल और आसपास के धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने के बाद उन्हें जम्मू-कश्मीर ले जाने का कार्यक्रम भी बताया जा रहा है।
मतगणना के समय भी क्षेत्र में नहीं रहेंगे प्रत्याशी
इस राजनीतिक यात्रा की खास बात यह है कि भाजपा प्रत्याशी 14 सितंबर को होने वाली मतगणना के दौरान भी अपने-अपने क्षेत्रों में उपस्थित नहीं रहेंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार बादलीवाल के अनुसार प्रत्याशियों को 21 सितंबर तक साथ रखने का कार्यक्रम है। पार्टी इसे पर्यटन और धार्मिक स्थलों के दर्शन की यात्रा बता रही है। मतदान के बाद 14 सितंबर को परिणाम घोषित होंगे। इसके सात दिन बाद 21 सितंबर को निकाय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा। अध्यक्ष चुनाव संपन्न होने के बाद ही संबंधित निकायों में बोर्ड गठन की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
सात दिन के अंतर ने बढ़ाई दोनों दलों की चिंता
मतगणना और अध्यक्ष चुनाव के बीच सात दिन का अंतर होने के कारण भाजपा और कांग्रेस कोई जोखिम नहीं लेना चाहतीं। यदि किसी निकाय में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो निर्दलीय अथवा दूसरे खेमे के पार्षद अध्यक्ष बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।इसी आशंका को देखते हुए दलों ने चुनाव परिणाम आने से पहले ही अपने प्रत्याशियों को एकजुट कर लिया है। नतीजे घोषित होने के बाद विजयी प्रत्याशियों को अध्यक्ष पद के मतदान तक साथ रखने की तैयारी है।
कांग्रेस के करीब 70 प्रत्याशी नीमराना में
भाजपा की तरह कांग्रेस ने भी विराटनगर और पावटा-प्रागपुरा क्षेत्र के अपने करीब 70 प्रत्याशियों को एक साथ रखा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर के नेतृत्व में इन प्रत्याशियों को नीमराना क्षेत्र में ठहराया गया है। कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्हें आसपास के मंदिरों और धार्मिक स्थलों के दर्शन भी कराए जा रहे हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर के अनुसार कांग्रेस प्रत्याशी भी 14 सितंबर की मतगणना के लिए वापस नहीं लौटेंगे। सभी प्रत्याशियों को 21 सितंबर को अध्यक्ष पद का चुनाव संपन्न होने के बाद ही घर भेजने की योजना है। फिलहाल दोनों दल इन यात्राओं को सामान्य भ्रमण और धार्मिक दर्शन बता रहे हैं, लेकिन मतगणना से पहले शुरू हुई बाड़ाबंदी ने स्पष्ट कर दिया है कि अध्यक्ष पद और बोर्ड गठन को लेकर मुकाबला बेहद करीबी माना जा रहा है।
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