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September 12, 2026
उदयपुर के भाजपा प्रत्याशी दो बसों से रणकपुर रवाना, बीकानेर के प्रत्याशियों को जोधपुर में ठहराया, कांग्रेस ने भी संभावित विजेताओं को सुरक्षित स्थानों पर भेजा
जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की मतदान प्रक्रिया पूरी होते ही भाजपा और कांग्रेस ने बोर्ड गठन की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। मतगणना से पहले सभापति और महापौर की कुर्सी को लेकर जोड़-तोड़, सेंधमारी और दल-बदल की आशंका के बीच दोनों दल अपने प्रत्याशियों को एकजुट रखने में जुट गए हैं।
प्रदेश के अलग-अलग जिलों में प्रत्याशियों को होटल और रिसोर्ट में ठहराया जा रहा है। कहीं प्रत्याशी क्रिकेट और लूडो खेलकर समय बिता रहे हैं तो कहीं मंदिरों में जीत की कामना की जा रही है। कुछ स्थानों पर प्रत्याशियों के मोबाइल फोन भी जमा करवाने की बात सामने आई है।
जयपुर में प्रदेश संगठन ने संभाली कमान
जयपुर नगर निगम को लेकर भाजपा किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती। यहां प्रत्याशियों की किलाबंदी की योजना जिला संगठन के बजाय प्रदेश संगठन स्तर पर तैयार की जा रही है।भाजपा प्रत्याशियों को शनिवार दोपहर 12 बजे पार्टी के प्रदेश कार्यालय बुलाया गया है। सूत्रों के अनुसार इसे प्रशिक्षण शिविर का नाम दिया गया है। प्रदेश कार्यालय में एकत्रित करने के बाद प्रत्याशियों को होटल अथवा रिसोर्ट में ले जाया जा सकता है। पार्टी नेतृत्व जयपुर शहर संगठन के भरोसे पूरी जिम्मेदारी छोड़ने के बजाय प्रत्याशियों से जुड़ी गतिविधियों और राजनीतिक घटनाक्रम की स्वयं निगरानी करना चाहता है।
करीबी मुकाबले की संभावना ने बढ़ाई चिंता
कई नगर निकायों में भाजपा और कांग्रेस के बीच बेहद करीबी मुकाबला रहने की संभावना जताई जा रही है। ऐसी स्थिति में एक-एक निर्वाचित पार्षद बोर्ड गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राजनीतिक दलों को आशंका है कि परिणाम आने के बाद विरोधी दल उनके विजयी प्रत्याशियों से संपर्क कर सकते हैं। निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका भी कई निकायों में निर्णायक रहने की संभावना है। इसी कारण नतीजों से पहले प्रत्याशियों को एक स्थान पर रखकर उन पर नजर रखने की रणनीति अपनाई जा रही है।
उदयपुर: दो बसों से रणकपुर रवाना हुए भाजपा प्रत्याशी
उदयपुर में मतदान समाप्त होने के बाद शुक्रवार रात करीब 11 बजे भाजपा के नगर निगम प्रत्याशियों को लेकर दो बसें रवाना हुईं। प्रत्याशियों को रणकपुर के एक रिसोर्ट में ठहराने की व्यवस्था की गई है। इसके बाद उन्हें पावापुरी ले जाने की योजना भी बताई जा रही है।
पाली: परिवार के सदस्यों को भी साथ ले गए प्रत्याशी
पाली में मतदान खत्म होते ही प्रत्याशियों की किलाबंदी शुरू हो गई। कई प्रत्याशी अपने परिवार के सदस्यों के साथ रवाना हुए। वार्ड नंबर 29 से भाजपा प्रत्याशी सुल्ताना बानो भी अपने परिवार के साथ जाते हुए दिखाई दीं।
बूंदी: क्रिकेट और लूडो खेलकर बीत रहा समय
बूंदी में भाजपा प्रत्याशियों ने होटल के गार्डन में क्रिकेट खेलकर समय बिताया। पुरुष प्रत्याशियों ने चौके-छक्के लगाए, जबकि महिला प्रत्याशी अपने कमरों में मोबाइल पर लूडो खेलती नजर आईं। दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशियों को बूंदी से झालावाड़ जिले में ले जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों दल मतगणना तक अपने प्रत्याशियों को एकजुट रखने का प्रयास कर रहे हैं।
बीकानेर: जोधपुर के रिसोर्ट में ठहराया
भाजपा ने बीकानेर नगर निगम के प्रत्याशियों को जोधपुर के एक रिसोर्ट में ठहराया है। जानकारी के मुताबिक प्रत्याशियों को मतगणना से एक दिन पहले 13 सितंबर को वापस बीकानेर लाया जाएगा।
रावतभाटा: प्रत्याशी को लेने जा रहे पदाधिकारियों की कार पलटी
रावतभाटा नगरपालिका चुनाव के बाद चित्तौड़गढ़ ले जाए गए भाजपा प्रत्याशियों के मोबाइल फोन जमा करवाने की बात सामने आई है। इसी दौरान भाजपा जिला पदाधिकारी उमेश त्रिपाठी सहित चार लोग एक प्रत्याशी को लेने रावतभाटा जा रहे थे। रास्ते में उनकी कार पलट गई। हादसे में कार सवार लोगों को मामूली चोटें आने की जानकारी है।
भरतपुर: अलवर, हरियाणा और जयपुर भेजे गए प्रत्याशी
भरतपुर जिले में भी मतदान के बाद संभावित विजेता प्रत्याशियों की किलाबंदी शुरू हो गई। बृजनगर के प्रत्याशियों को अलवर भेजा गया है। अन्य निकायों के कई प्रत्याशियों को अलवर, हरियाणा और जयपुर में अलग-अलग स्थानों पर ठहराने की जानकारी सामने आई है।
अलवर: कांग्रेस कैंप से रात ढाई बजे लौटे निर्दलीय प्रत्याशी
अलवर के वार्ड नंबर 22 से निर्दलीय प्रत्याशी कुलदीप मीणा कांग्रेस के कैंप से देर रात करीब ढाई बजे वापस लौट आए। कुलदीप ने आरोप लगाया कि सीने में दर्द होने के बावजूद उनके लिए डॉक्टर नहीं बुलाया गया और उन्हें बाहर जाने की अनुमति भी नहीं दी गई। सूचना मिलने पर उनके परिजन पुलिस के साथ पहुंचे और उन्हें वापस लेकर आए। कुलदीप ने कहा कि वह अपनी इच्छा से कैंप में गए थे, लेकिन इलाज की व्यवस्था नहीं होने के कारण परेशान हो गए। उन्होंने चुनाव लड़ने के अपने फैसले पर भी पछतावा जताया।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर कांग्रेस पार्षद प्रत्याशियों के कैंप को परेशान करने और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। हालांकि भाजपा और संबंधित विभागों की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा कि किस नगर निकाय में कौन सा दल बहुमत हासिल करता है और कहां बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की जरूरत पड़ती है। फिलहाल दोनों प्रमुख दलों का पूरा जोर अपने प्रत्याशियों को एकजुट रखने पर है।
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