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September 9, 2026
जयपुर। राजस्थान में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) से जुड़े ठेकेदारों ने लंबित भुगतान और आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। ऑल राजस्थान PHED कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन की संघर्ष समिति ने 8 सितंबर 2026 को पत्र जारी कर चरणबद्ध तरीके से जलापूर्ति व्यवस्था सहित विभाग से जुड़े सभी कार्य बंद करने की चेतावनी दी है। संघर्ष समिति का कहना है कि पिछले करीब तीन वर्षों से लंबित भुगतान और अन्य मांगों को लेकर सरकार एवं विभाग के अधिकारियों से लगातार संपर्क किया गया, लेकिन समाधान नहीं निकला। ठेकेदार संगठन ने दावा किया है कि दो बार लिखित समझौते होने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
9 सितंबर से शुरू होगा चरणबद्ध कार्य बहिष्कार
संघर्ष समिति ने आंदोलन का चार दिन का कार्यक्रम घोषित किया है।
9 सितंबर: सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक 3 घंटे काम बंद रहेगा।
10 सितंबर: सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक 6 घंटे कार्य बहिष्कार होगा।
11 सितंबर: सुबह 11 बजे से रात 11 बजे तक 12 घंटे काम बंद रखने का ऐलान किया गया है।
12 सितंबर: जलापूर्ति व्यवस्था सहित सभी कार्य पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी गई है।
एसोसिएशन ने प्रदेशभर के PHED ठेकेदारों से इस कार्यक्रम में एकजुट होकर भाग लेने की अपील की है।
ठेकेदारों का दावा- करीब 2,500 करोड़ रुपए का भुगतान अटका
ठेकेदार संगठन से जुड़े लोगों का दावा है कि जुलाई तक भुगतान किए जाने के आश्वासन के बावजूद करीब 2,500 करोड़ रुपए का भुगतान अब भी लंबित है। उनका कहना है कि भुगतान नहीं होने के कारण ठेकेदार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और इसका असर कर्मचारियों व श्रमिकों तक पहुंच रहा है। संगठन ने दावा किया है कि इस स्थिति से प्रदेश के करीब 5 हजार ठेकेदार और लगभग 10 लाख श्रमिक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो सकते हैं। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और ये ठेकेदार संगठन के दावे हैं।
जलापूर्ति पर पड़ सकता है असर
संघर्ष समिति के पत्र में स्पष्ट रूप से जलापूर्ति व्यवस्था सहित समस्त कार्य बंद करने का उल्लेख किया गया है। यदि आंदोलन घोषित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ता है तो कई क्षेत्रों में PHED से जुड़े संचालन और रखरखाव कार्य प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि आम उपभोक्ताओं को पानी की सप्लाई कितनी और किन क्षेत्रों में प्रभावित होगी, यह स्थानीय व्यवस्था, विभागीय वैकल्पिक इंतजाम और आंदोलन में भागीदारी पर निर्भर करेगा।
दो बार समझौते के बाद भी समाधान नहीं होने का आरोप
संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि भुगतान और आठ सूत्रीय मांगों को लेकर शासन और विभाग के साथ बातचीत हुई तथा दो बार लिखित समझौते भी किए गए, लेकिन उन पर अपेक्षित अमल नहीं हुआ।समिति का कहना है कि लंबे समय से लंबित भुगतान के कारण ठेकेदारों के लिए कार्य जारी रखना आर्थिक रूप से मुश्किल होता जा रहा है।
अधिकारियों को पूर्व सूचना देने के निर्देश
संघर्ष समिति ने सभी ठेकेदारों से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में संबंधित विभागीय अधिकारियों को लिखित रूप से कार्य बंद रखने की सूचना दें और उसकी प्रति समिति को भी भेजें।संगठन ने यह भी कहा कि आंदोलन अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा।
सरकार से जल्द समाधान की मांग
संघर्ष समिति ने कहा है कि आंदोलन का उद्देश्य आम लोगों को परेशानी देना नहीं है, बल्कि वर्षों से लंबित भुगतान और मांगों का समाधान करवाना है।अब नजर इस बात पर रहेगी कि PHED और राज्य सरकार आंदोलन शुरू होने से पहले ठेकेदारों से बातचीत कर कोई समाधान निकालते हैं या 9 सितंबर से घोषित चरणबद्ध कार्य बहिष्कार शुरू होता है।
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